यशस्वी सोलंकी: राष्ट्रपति की बगल वाली कर्तव्य-रूम की पहली महिला नौसेना अधिकारी
यशस्वी सोलंकी: राष्ट्रपति की बगल वाली कर्तव्य-रूम की पहली महिला नौसेना अधिकारी
भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की टीम में शामिल होने वाली लेफ्टिनेंट कमांडर यशस्वी सोलंकी ने इतिहास रच दिया है—वह पहली महिला नौसेना अधिकारी हैं जिन्हें राष्ट्रपति का एड-डी-कैंप (ADC) नियुक्त किया गया है । राष्ट्रपति के पास सामान्यतः पांच ADC होते हैं—तीन थल सेना, एक वायुसेना और एक नौसेना से। सोलंकी इस विशिष्ट पद पर बगल वाला कमरा हासिल कर साये की तरह राष्ट्रपति के साथ रहेंगी ।
हरियाणा के चर्की दादरी की रहने वाली यशस्वी ने 2012 में शॉर्ट-सर्विस कमीशन के जरिये नौसेना में लॉजिस्टिक्स ब्रांच में कदम रखा । पिछले अप्रैल में उनका चयन हुआ, फिर लगभग महीने भर का ओरिएंटेशन ट्रेनिंग हुआ—और 9 मई को राष्ट्रपति भवन में उन्हें ADC एडगुइलेट पहनाया गया ।
उनका काम राष्ट्रपति के हर कार्यक्रम, बैठक और औपचारिक आयोजन में साथ रहकर मदद करना है—उनके कार्यक्रम को सुचारू रूप से संचालित करना, महत्वपूर्ण जानकारी समय से उपलब्ध कराना, और आवश्यक प्रोटोकॉल का पालन सुनिश्चित करना ।
चयन प्रक्रिया में शारीरिक फिटनेस (कम से कम 173 सेमी लम्बाई), बुद्धिमत्ता, नेतृत्व क्षमता और सेवा रिकॉर्ड को ध्यान में रखा गया । चयन का कारण नौसेना की बदलती सोच–प्रतिभा पर आधारित निर्णय लेने से जुड़ा बदलाव है ।
यशस्वी का यह पद केवल एक व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि भारतीय सशस्त्र बलों में महिलाओं के बढ़ते अधिकार और नेतृत्व का प्रतीक बन गया है । उन्होंने कहा है कि ADC बनने के सपने में भी नहीं सोचा था और अब वह हमेशा अपडेट रहने की जिम्मेदारी महसूस करती हैं ।