बिना PUC पड़ेगा चालान! मोबाइल से ऐसे करें स्टेटस चेक
बिना PUC पड़ेगा चालान! मोबाइल से ऐसे करें स्टेटस चेक
दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण ने सरकार और प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। इसी वजह से वाहनों पर सख्ती लगातार बढ़ाई जा रही है। सड़क पर वाहन चलाने के लिए अब वैध PUC (Pollution Under Control) सर्टिफिकेट होना बेहद जरूरी हो गया है। कई इलाकों में बिना वैध PUC वाले वाहनों का चालान किया जा रहा है और कुछ पेट्रोल पंपों पर तो ऐसे वाहनों को ईंधन तक नहीं दिया जा रहा।
ऐसे में यह जानना बहुत जरूरी है कि आपके वाहन का PUC सर्टिफिकेट अभी वैध है या उसकी अवधि खत्म हो चुकी है। अच्छी बात यह है कि इसके लिए अब आपको न तो आरटीओ जाने की जरूरत है और न ही किसी पेट्रोल पंप के चक्कर काटने पड़ेंगे। आप घर बैठे अपने मोबाइल या कंप्यूटर से ही यह जानकारी आसानी से हासिल कर सकते हैं।
सरकार ने इसके लिए Parivahan पोर्टल को उपलब्ध कराया है। यह पोर्टल सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के तहत काम करता है और वाहन से जुड़ी तमाम जानकारियां यहां मिल जाती हैं। PUC चेक करना भी इसी का हिस्सा है। PUC की वैधता जांचने के लिए आपको Parivahan की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होता है। वहां "Online Services” या “PUC Details" का विकल्प मिलता है। जैसे ही आप इस सेक्शन में जाते हैं, आपसे अपने वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर दर्ज करने को कहा जाता है। सही नंबर डालते ही स्क्रीन पर आपके वाहन से जुड़ी पूरी जानकारी आ जाती है, जिसमें PUC सर्टिफिकेट की वैधता तारीख भी शामिल होती है।
अगर यहां दिख रही तारीख भविष्य की है, तो समझिए आपका PUC अभी वैध है। लेकिन अगर तारीख निकल चुकी है या PUC डिटेल्स उपलब्ध नहीं दिख रही हैं, तो आपको तुरंत प्रदूषण जांच कराकर नया सर्टिफिकेट बनवाना चाहिए। आमतौर पर पेट्रोल वाहन का PUC एक साल तक और डीजल वाहन का छह महीने तक वैध रहता है, हालांकि यह वाहन की उम्र पर भी निर्भर करता है।
PUC सर्टिफिकेट न होने पर ट्रैफिक नियमों के तहत जुर्माना लगाया जा सकता है। दिल्ली जैसे शहरों में यह जुर्माना काफी भारी हो सकता है। इसके अलावा बढ़ते प्रदूषण के कारण प्रशासन अब इस नियम को पहले से ज्यादा सख्ती से लागू कर रहा है।
इसलिए बेहतर यही है कि समय-समय पर अपने वाहन का PUC चेक करते रहें। घर बैठे मोबाइल से यह जानकारी मिल
जाने से न सिर्फ आपका समय बचेगा, बल्कि आप अनावश्यक चालान और परेशानी से भी बच सकेंगे। बढ़ते प्रदूषण के दौर में यह छोटा सा कदम आपकी जेब और पर्यावरण –दोनों के लिए फायदेमंद है।