रील के चक्कर में मौत को दी खुली दावत, ट्रेन से बचा युवक बाल-बाल
रील के चक्कर में मौत को दी खुली दावत, ट्रेन से बचा युवक बाल-बाल
सोशल मीडिया पर वायरल होने की चाह अब कई लोगों के लिए जानलेवा साबित होती जा रही है। लाइक्स, व्यूज़ और फॉलोअर्स की दौड़ में कुछ लोग यह भूल जाते हैं कि एक छोटी-सी गलती उनकी जिंदगी हमेशा के लिए खत्म कर सकती है। ऐसा ही एक खौफनाक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे देखकर हर किसी के रोंगटे खड़े हो गए हैं।
इस वायरल वीडियो में एक युवक रेलवे ट्रैक पर खड़ा नजर आता है। सामने से तेज रफ्तार ट्रेन आती दिख रही है, लेकिन युवक के चेहरे पर डर की जगह आत्मविश्वास और दिखावे की झलक साफ नजर आती है। वह ट्रेन के बिल्कुल करीब आने तक इंतजार करता है, ताकि उसका स्टंट ज्यादा "ड्रैमेटिक" लगे और रील वायरल हो सके। जैसे ही ट्रेन कुछ ही मीटर की दूरी पर पहुंचती है, युवक अचानक ट्रैक के पास मौजूद नदी में छलांग लगा देता है।
वीडियो देखकर साफ समझ आता है कि अगर जरा-सी भी देरी हो जाती, तो यह स्टंट उसकी आखिरी रील बन सकती थी । ट्रेन की रफ्तार और युवक की टाइमिंग में अगर एक सेकंड का भी फर्क पड़ता, तो टक्कर होना तय था। गनीमत रही कि वह किसी तरह बच गया, लेकिन यह लापरवाही उसकी जान पर भारी पड़ सकती थी।
इस वीडियो के वायरल होते ही सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। कई यूजर्स ने युवक की हरकत को "बेहद गैर-जिम्मेदाराना” बताया है, तो कुछ ने कहा कि ऐसे स्टंट करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। लोगों का मानना है कि इस तरह के वीडियो दूसरों को भी गलत संदेश देते हैं, खासकर युवाओं और किशोरों को, जो सोशल मीडिया से जल्दी प्रभावित हो जाते हैं।
रेलवे ट्रैक पर इस तरह के स्टंट न सिर्फ खुद की जान के लिए खतरा होते हैं, बल्कि ट्रेन ड्राइवर और यात्रियों के लिए भी मानसिक आघात का कारण बन सकते हैं। रेलवे नियमों के मुताबिक ट्रैक पर बिना अनुमति जाना अपराध है और इसमें भारी जुर्माना या जेल तक का प्रावधान है। बावजूद इसके, वायरल होने की चाह में लोग इन नियमों को नजरअंदाज कर रहे हैं।
यह घटना एक बार फिर चेतावनी देती है कि सोशल मीडिया की लोकप्रियता कुछ पलों की होती है, लेकिन जान चली जाए तो उसे वापस नहीं लाया जा सकता। रील और वीडियो बनाने से पहले यह समझना जरूरी है कि कोई भी कंटेंट आपकी जिंदगी से बड़ा नहीं हो सकता। थोड़ी-सी समझदारी और जिम्मेदारी ही ऐसे हादसों को रोक सकती है।