Last Updated May - 01 - 2026, 05:19 PM | Source : Fela News
कोहिनूर विवाद के बीच भारत को बड़ी सांस्कृतिक जीत मिली है. अमेरिका ने तस्करी से पहुंचीं 133 करोड़ की दुर्लभ प्राचीन मूर्तियां लौटाईं, जिनका राज नैन्सी वीनर की गिरफ्तारी के बाद खुला.
कोहिनूर हीरे को लेकर दुनिया भर में छिड़ी बहस के बीच भारत को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जुड़ी एक बड़ी खुशखबरी मिली है. अमेरिका ने भारत की 657 दुर्लभ प्राचीन कलाकृतियां वापस लौटा दी हैं, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 133 करोड़ रुपये बताई जा रही है. ये सिर्फ मूर्तियां नहीं, बल्कि भारत के इतिहास, आस्था और सभ्यता की वो निशानियां हैं जिन्हें सालों पहले चोरी और तस्करी के जरिए विदेश पहुंचा दिया गया था. अब इन धरोहरों की घर वापसी ने भारत को बड़ी कूटनीतिक और सांस्कृतिक जीत दिलाई है.
मैनहट्टन में भारत को सौंपी गईं अनमोल धरोहरें
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, मैनहट्टन जिला अटॉर्नी कार्यालय में आयोजित एक विशेष समारोह में ये कलाकृतियां भारत को सौंप दी गईं. इन्हें भारतीय वाणिज्य दूतावास की मदद से देश लाया जाएगा. भारतीय महावाणिज्यदूत बिनय प्रधान ने अमेरिकी प्रशासन का आभार जताते हुए कहा कि यह सिर्फ वस्तुओं की वापसी नहीं, बल्कि भारत की आत्मा से जुड़ी विरासत की वापसी है.
चोरी से तस्करी तक... ऐसे अमेरिका पहुंचीं भारतीय मूर्तियां
इन कलाकृतियों के पीछे एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क काम कर रहा था. अमेरिकी अधिकारियों ने 2020 के आसपास आर्ट डीलर नैन्सी वीनर को गिरफ्तार किया था. पूछताछ में खुलासा हुआ कि वह कुख्यात तस्कर सुभाष कपूर के साथ मिलकर भारत की प्राचीन मूर्तियों की चोरी और बिक्री का नेटवर्क चला रही थी.
गिरोह पहले मंदिरों और पुरातात्विक स्थलों की रेकी करता था. फिर बिचौलियों के जरिए मूर्तियां चोरी करवाई जाती थीं. इसके बाद फर्जी दस्तावेजों के सहारे इन्हें अमेरिका भेज दिया जाता था, जहां करोड़ों में नीलामी होती थी.
कौन-कौन सी धरोहरें हुईं बरामद?
बरामद कलाकृतियों में लाल बलुआ पत्थर से बनी भगवान बुद्ध की अभय मुद्रा वाली प्रतिमा, मध्य प्रदेश के मंदिर से चोरी हुई नृत्य करते गणेश की दुर्लभ मूर्ति समेत कई ऐतिहासिक धरोहरें शामिल हैं. इन मूर्तियों का धार्मिक ही नहीं, पुरातात्विक महत्व भी बेहद बड़ा है.
कोहिनूर बहस के बीच भारत की बड़ी जीत
दिलचस्प बात यह है कि यह वापसी ऐसे समय हुई है जब कोहिनूर हीरे को भारत लौटाने की मांग फिर तेज हो गई है. न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी ने हाल ही में ब्रिटेन के राजा किंग चार्ल्स से कोहिनूर लौटाने की बात कहकर नई बहस छेड़ दी थी. इसी बीच अमेरिका का यह कदम भारत के पक्ष में एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है.
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