विजय की सत्ता तक पहुंच में 10 ट्विस्ट, तमिलनाडु बना पॉलिटिकल थ्रिलर

Updated on 2026-05-09T12:32:15+05:30

विजय की सत्ता तक पहुंच में 10 ट्विस्ट, तमिलनाडु बना पॉलिटिकल थ्रिलर

विजय की सत्ता तक पहुंच में 10 ट्विस्ट, तमिलनाडु बना पॉलिटिकल थ्रिलर

Tamil Nadu Politics:तमिलनाडु की राजनीति में शुक्रवार का दिन किसी पॉलिटिकल थ्रिलर फिल्म से कम नहीं रहा. अभिनेता से नेता बने विजय एक वक्त मुख्यमंत्री की कुर्सी के बेहद करीब नजर आए, लेकिन देर रात तक सत्ता का पूरा खेल उलझा रहा. गठबंधन, समर्थन, डिप्टी सीएम की डील, लापता विधायक और बैकडोर बैठकों ने पूरे घटनाक्रम को हाई वोल्टेज ड्रामा बना दिया.

सबसे बड़ी पार्टी बनी TVK, लेकिन बहुमत से रह गई दूर

तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) ने 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनने का गौरव हासिल किया. हालांकि बहुमत के लिए जरूरी 118 सीटों से पार्टी पीछे रह गई. कांग्रेस और वाम दलों के समर्थन के बाद भी आंकड़ा 116 तक ही पहुंच पाया. ऐसे में सरकार बनाने का रास्ता अब दूसरे सहयोगियों पर टिक गया.

राज्यपाल से मुलाकात के बाद बढ़ा सस्पेंस

सूत्रों के मुताबिक विजय ने राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर से मुलाकात कर समर्थन पत्र सौंपे, लेकिन संख्या पूरी न होने की वजह से सरकार गठन पर तस्वीर साफ नहीं हो सकी. इसी बीच राजभवन की गतिविधियों पर पूरे राज्य की नजर टिक गई.

विजय के घर के बाहर जश्न, फिर अचानक बदला माहौल

शुरुआती समर्थन की खबरों के बाद विजय के घर के बाहर समर्थकों ने जश्न मनाना शुरू कर दिया था. पार्टी कार्यकर्ता शपथ ग्रहण की तैयारियों की बातें करने लगे थे, लेकिन देर शाम तक राजनीतिक समीकरण बदलते नजर आए और माहौल में अनिश्चितता लौट आई.

VCK बनी सत्ता की असली चाबी

पूरे घटनाक्रम में VCK सबसे अहम खिलाड़ी बनकर सामने आई. पार्टी प्रमुख थोल थिरुमावलवन ने पहले समर्थन के संकेत दिए, लेकिन बाद में फैसला टाल दिया. इससे TVK खेमे की चिंता बढ़ गई. बताया जा रहा है कि समर्थन के बदले डिप्टी मुख्यमंत्री पद की मांग को लेकर बातचीत अटक गई.

IUML ने बढ़ाई विजय की मुश्किलें

जहां TVK को IUML से उम्मीद थी, वहीं पार्टी ने साफ कर दिया कि वह DMK गठबंधन के साथ ही रहेगी. इस फैसले ने विजय के बहुमत के समीकरण को और मुश्किल बना दिया.

रिसॉर्ट पॉलिटिक्स और लापता विधायक से बढ़ा ड्रामा

राजनीतिक हलकों में विधायकों की खरीद-फरोख्त और रिसॉर्ट पॉलिटिक्स की चर्चाएं भी तेज हो गईं. कांग्रेस विधायकों के हैदराबाद जाने की खबरों के बीच AMMK प्रमुख टीटीवी दिनाकरन ने अपने विधायक कमराज के लापता होने का दावा कर दिया. इसके बाद राज्यपाल ने पुलिस को जांच के निर्देश दिए.

फर्जी समर्थन पत्र पर भी मचा बवाल

टीटीवी दिनाकरन ने आरोप लगाया कि TVK ने उनके विधायक के फर्जी हस्ताक्षर वाला समर्थन पत्र इस्तेमाल किया. जवाब में TVK ने वीडियो जारी कर दावा किया कि समर्थन असली है. इस विवाद ने राजनीतिक तनाव को और बढ़ा दिया.

देर रात तक जारी रहा सत्ता का सस्पेंस

देर रात तक तमिलनाडु में सरकार गठन की तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं हो सकी. कभी विजय सत्ता के बेहद करीब दिखे तो कभी राजनीतिक जोड़तोड़ ने पूरा खेल बदल दिया. अब सबकी नजर अगले कुछ घंटों पर टिकी है, जो तय करेंगे कि तमिलनाडु का अगला मुख्यमंत्री आखिर कौन बनेगा.

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