ईरान पर US-इजरायल हमले की AIMPLB निंदा, युद्धविराम की मांग

Updated on 2026-03-05T12:16:02+05:30

ईरान पर US-इजरायल हमले की AIMPLB निंदा, युद्धविराम की मांग

ईरान पर US-इजरायल हमले की AIMPLB निंदा, युद्धविराम की मांग

ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने अमेरिका और इजरायल की ओर से ईरान पर किए गए संयुक्त हमले की कड़ी निंदा की है। बोर्ड ने कहा कि यह हमला आक्रामक है और इससे पूरे मध्य-पूर्व में युद्ध का खतरा बढ़ गया है। साथ ही संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से तुरंत युद्धविराम कराने की अपील की है

बोर्ड के प्रवक्ता डॉ. एस.क्यू.आर. इलियास ने बयान में कहा कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत चल रही थी और इसमें प्रगति भी हुई थी। ओमान के विदेश मंत्री बद्र अल-बुसैदी इस बातचीत में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे थे। उनके अनुसार ईरान अमेरिका की कई शर्तों पर सहमत हो गया था। इसके बावजूद अमेरिका ने अचानक बातचीत खत्म कर दी और इजरायल के साथ मिलकर ईरान पर हमला कर दिया।

डॉ. इलियास ने ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत पर गहरा दुख जताया। उन्होंने कहा कि किसी स्वतंत्र देश के सर्वोच्च नेतृत्व को युद्ध में निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि इस संघर्ष से मध्य-पूर्व में अस्थिरता बढ़ गई है। कई यूरोपीय देश अमेरिका का समर्थन कर रहे हैं, जबकि रूस और चीन ईरान के साथ खड़े हैं।

उन्होंने चेतावनी दी कि अगर समय रहते कूटनीतिक हस्तक्षेप नहीं हुआ तो यह संघर्ष बड़े वैश्विक युद्ध में बदल सकता है। लंबे समय तक युद्ध चलने से मानवीय संकट और वैश्विक अर्थव्यवस्था दोनों पर असर पड़ेगा, जिसका सबसे ज्यादा नुकसान गरीब और विकासशील देशों को होगा।

डॉ. इलियास ने यह भी कहा कि इस समय भारत संतुलित मध्यस्थ की भूमिका निभा सकता था, लेकिन मौजूदा रुख से विदेश नीति की विश्वसनीयता पर असर पड़ा है। उन्होंने खामेनेई की मौत पर भारत की ओर से आधिकारिक शोक संदेश न आने पर भी चिंता जताई।

बोर्ड ने भारत सरकार, संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि वे तुरंत कदम उठाकर इस युद्ध को रोकें। उनका कहना है कि अगर यह संघर्ष नहीं रुका तो इसका असर पूरी दुनिया पर पड़ सकता है।

यह भी पढ़े 

तेहरान में धमाकों की गूंज, खामनेई आवास पर इजरायली मिसाइल वार