Last Updated Feb - 28 - 2026, 04:47 PM | Source : Fela News
इजरायल ने तेहरान में रणनीतिक ठिकानों पर मिसाइल हमले किए। सर्वोच्च नेता अली खामनेई के आवास के पास धमाके की खबरों से क्षेत्र में तनाव चरम पर पहुंच गया है।
तेहरान एक बार फिर विस्फोटों की आवाज से दहल उठा जब इजरायल ने ईरान की राजधानी और आसपास के रणनीतिक ठिकानों पर मिसाइल हमले किए। इस सैन्य कार्रवाई ने पूरे मध्य पूर्व में अस्थिरता बढ़ा दी है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता की लहर पैदा कर दी है। रिपोर्ट्स के अनुसार, हमले देर रात शुरू हुए और राजधानी के कई संवेदनशील इलाकों में जोरदार धमाके सुने गए।
सबसे ज्यादा सनसनी उस खबर से फैली जिसमें दावा किया गया कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातोल्ला अली खामनेई के आधिकारिक आवास के आसपास भी मिसाइलें गिरीं। हालांकि ईरानी अधिकारियों ने कहा है कि खामनेई सुरक्षित हैं और हमले के समय वह अपने मुख्य आवास पर मौजूद नहीं थे। सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत इलाके को घेर लिया और अतिरिक्त बल तैनात कर दिया गया।
इजरायल की ओर से इस ऑपरेशन को "सटीक और लक्षित सैन्य कार्रवाई ” बताया गया है। इजरायली अधिकारियों का कहना है कि हमले का उद्देश्य ईरान की सैन्य क्षमताओं और संभावित परमाणु खतरे को निष्क्रिय करना था। लंबे समय से इजरायल ईरान के परमाणु कार्यक्रम को अपने लिए अस्तित्व का खतरा मानता रहा है। हाल के महीनों में दोनों देशों के बीच बयानबाजी और अप्रत्यक्ष हमलों का दौर तेज हुआ था, जिसके बाद यह सीधा सैन्य कदम सामने आया।
हमले के बाद तेहरान में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। ईरान ने अस्थायी रूप से अपना एयरस्पेस बंद कर दिया है और नागरिकों को घरों के अंदर रहने की सलाह दी गई है। कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित होने और संचार सेवाओं पर असर पड़ने की भी खबरें सामने आई हैं। अस्पतालों और आपातकालीन सेवाओं को सतर्क कर दिया गया है।
ईरानी सरकार ने इस हमले को “आक्रामक और गैरकानूनी सैन्य कार्रवाई" करार दिया है। अधिकारियों ने कहा है कि जवाबी कार्रवाई के सभी विकल्प खुले हैं। ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स और सेना को हाई अलर्ट पर रखा गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ईरान ने प्रत्यक्ष जवाब दिया तो क्षेत्र में व्यापक संघर्ष छिड़ सकता है।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय की प्रतिक्रियाएं भी तेजी से सामने आ रही हैं। संयुक्त राष्ट्र ने दोनों देशों से संयम बरतने और कूटनीतिक रास्ता अपनाने की अपील की है। अमेरिका और यूरोपीय देशों ने स्थिति पर नजर रखने की बात कही है। तेल बाजार में भी हलचल देखी जा रही है, क्योंकि मध्य पूर्व में किसी भी बड़े संघर्ष का असर वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ सकता है।
विश्लेषकों के अनुसार, यह हमला सिर्फ दो देशों के बीच टकराव नहीं बल्कि क्षेत्रीय शक्ति संतुलन से जुड़ा मुद्दा है। ईरान, इजरायल और उनके सहयोगी देशों के बीच लंबे समय से चल रहा तनाव अब खुलकर सामने आता दिख रहा है।
फिलहाल तेहरान में स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में बताई जा रही है। आने वाले दिनों में यह स्पष्ट होगा कि क्या यह घटना सीमित सैन्य कार्रवाई तक रहेगी या फिर बड़े क्षेत्रीय संघर्ष का रूप ले लेगी। दुनिया की निगाहें अब मध्य पूर्व पर टिकी हैं, जहां हर नया घटनाक्रम वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर सकता है।
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