Last Updated May - 28 - 2026, 12:57 PM | Source : Fela News
ईरान के वरिष्ठ नेता इब्राहिम अजीजी ने डोनाल्ड ट्रंप पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि ट्रंप पहले धमकी देते हैं और फिर अगले ही दिन समझौते की बात करने लगते हैं.
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव फिलहाल कम होता नजर नहीं आ रहा है. भले ही दोनों देशों के बीच सीजफायर लागू हो, लेकिन लगातार हो रही आक्रामक बयानबाजी ने हालात को फिर गर्मा दिया है. इसी बीच ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के प्रमुख इब्राहिम अजीजी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर बड़ा हमला बोलते हुए तेहरान का सख्त रुख दुनिया के सामने रख दिया है.
गुरुवार (28 मई) को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए इब्राहिम अजीजी ने साफ कहा कि ट्रंप की धमकियों से ईरान अपनी “रेड लाइन” से पीछे हटने वाला नहीं है. उन्होंने दो टूक कहा कि यूरेनियम एनरिचमेंट का अधिकार, एनरिच किए गए यूरेनियम पर कब्जा और होर्मुज स्ट्रेट पर नियंत्रण जैसे मुद्दों पर ईरान किसी भी कीमत पर समझौता नहीं करेगा.
‘ट्रंप कभी धमकी देते हैं, कभी समझौते की बात करते हैं’
अजीजी ने ट्रंप की रणनीति पर निशाना साधते हुए कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति एक दिन धमकी देते हैं और अगले ही दिन समझौते की अपील करने लगते हैं. उनके मुताबिक, ट्रंप इस रणनीतिक गतिरोध से बाहर निकलने का रास्ता तलाश रहे हैं और इसी वजह से बार-बार अपना रुख बदल रहे हैं.
उन्होंने कहा कि अब दुनिया समझ चुकी है कि ट्रंप दबाव की राजनीति के जरिए ईरान को झुकाना चाहते हैं, लेकिन तेहरान अपनी शर्तों और अधिकारों से पीछे नहीं हटेगा.
ईरान ने साफ की अपनी “रेड लाइन”
इब्राहिम अजीजी ने कहा कि ईरान की कुछ ऐसी सीमाएं हैं जिन पर कोई समझौता संभव नहीं है. इनमें:
शामिल हैं. उन्होंने कहा कि इन मुद्दों पर ईरान किसी भी दबाव के आगे नहीं झुकेगा.
ट्रंप को पहले भी मिल चुकी है चेतावनी
इससे पहले ईरान के सुप्रीम लीडर के सैन्य सलाहकार मोहसिन रजाई भी अमेरिका को खुली चेतावनी दे चुके हैं. उन्होंने कहा था कि अगर अमेरिका ने होर्मुज स्ट्रेट या फारस की खाड़ी में सैन्य कार्रवाई की कोशिश की तो उसे “दर्दनाक जवाब” मिलेगा.
रजाई ने यहां तक कहा था कि ईरान परमाणु अप्रसार संधि (NPT) से भी बाहर निकलने पर विचार कर सकता है. उन्होंने ट्रंप को चेताते हुए कहा था कि अगर ईरान NPT से हट गया तो उसके बाद हालात अमेरिका के लिए और ज्यादा मुश्किल हो जाएंगे.
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और दोनों देशों की तीखी बयानबाजी के बीच दुनिया की नजर अब अमेरिका-ईरान संबंधों पर टिकी हुई है.
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