Bada Mangal 2026: ज्येष्ठ में 8 बड़े मंगल, नोट करें पूजा की तारीखें

Updated on 2026-04-15T16:54:41+05:30

Bada Mangal 2026: ज्येष्ठ में 8 बड़े मंगल, नोट करें पूजा की तारीखें

Bada Mangal 2026: ज्येष्ठ में 8 बड़े मंगल, नोट करें पूजा की तारीखें

Bada Mangal 2026 Date: इस साल ज्येष्ठ माह में एक बेहद खास और दुर्लभ संयोग बन रहा है, जिसने भक्तों की आस्था को और भी गहरा कर दिया है। आमतौर पर जहां ज्येष्ठ में 4 या 5 बड़े मंगल मनाए जाते हैं, वहीं साल 2026 में यह संख्या बढ़कर 8 हो गई है। इसकी वजह है अधिकमास (पुरुषोत्तम मास), जो इस बार ज्येष्ठ माह के बीच में ही पड़ रहा है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ज्येष्ठ महीने का हर मंगलवार “बड़ा मंगल” कहलाता है और यह दिन भगवान हनुमान की विशेष पूजा के लिए समर्पित होता है। इस दिन की गई भक्ति, सेवा और दान को अत्यंत फलदायी माना जाता है। मान्यता है कि सच्चे मन से की गई पूजा जीवन के कष्टों को दूर कर सुख-समृद्धि का मार्ग खोलती है।

क्यों खास है इस बार का ज्येष्ठ माह?

 साल 2026 में ज्येष्ठ माह 2 मई से शुरू होकर 29 जून तक रहेगा। इस दौरान 17 मई से 15 जून के बीच अधिकमास भी पड़ रहा है, जिसके कारण पूरे महीने में कुल 8 मंगलवार आ रहे हैं। यही वजह है कि इस बार 8 बड़े मंगल का विशेष योग बन रहा है।

हालांकि, शास्त्रों के अनुसार “निज ज्येष्ठ” के मंगलवारों को ही पारंपरिक रूप से बड़ा मंगल माना जाता है। अधिकमास को अस्थायी और बिना संक्रांति वाला महीना माना जाता है, इसलिए इसके मंगलवारों को मुख्य बड़ा मंगल की श्रेणी में नहीं रखा जाता। फिर भी, मंगलवार होने के कारण इन दिनों में भी हनुमान जी की पूजा का विशेष महत्व बना रहता है।

जानें कब-कब पड़ रहे हैं बड़े मंगल

 इस साल ज्येष्ठ माह के मंगलवार इस प्रकार हैं:

 5 मई, 12 मई, 19 मई, 26 मई, 2 जून, 9 जून, 16 जून और 23 जून।

 इन सभी दिनों को भक्त बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाते हैं।

कैसे मनाया जाता है बड़ा मंगल?

 बड़ा मंगल सिर्फ एक व्रत नहीं, बल्कि सेवा और समर्पण का प्रतीक माना जाता है। इस दिन भक्त हनुमान जी को सिंदूर और चमेली का तेल चढ़ाते हैं, बूंदी या बेसन के लड्डुओं का भोग लगाते हैं और हनुमान चालीसा व सुंदरकांड का पाठ करते हैं।

इसके अलावा, जरूरतमंदों को भोजन और पानी का वितरण करना इस दिन बेहद शुभ माना जाता है। खासतौर पर भीषण गर्मी के समय जल सेवा करना “राम सेवा” के समान फल देता है।

क्या मिलते हैं लाभ?

 धार्मिक मान्यता है कि बड़ा मंगल के दिन पूजा और दान करने से व्यक्ति को जीवन की बाधाओं और संकटों से मुक्ति मिलती है। शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है, रोग और भय दूर होते हैं और धन, बल व बुद्धि में वृद्धि होती है।

राम-हनुमान मिलन की कथा से जुड़ा महत्व

 रामायण के अनुसार, प्रभु श्रीराम और हनुमान जी का पहला मिलन ज्येष्ठ माह के एक मंगलवार को ही हुआ था, जब भगवान राम माता सीता की खोज में थे। यही कारण है कि इस महीने के मंगलवारों को “बड़ा मंगल” या “बुढ़वा मंगल” कहा जाता है और इसे विशेष पुण्यदायी माना जाता है।

कुल मिलाकर, इस बार का ज्येष्ठ माह आस्था, पूजा और सेवा का अनोखा अवसर लेकर आया है। 8 बड़े मंगल का यह दुर्लभ संयोग भक्तों के लिए खास महत्व रखता है, जिसमें हर मंगलवार भक्ति और पुण्य कमाने का सुनहरा मौका है।

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