'डकैती' बयान पर भड़के बृजेश पाठक, बोले- अखिलेश को विकास से परेशानी
'डकैती' बयान पर भड़के बृजेश पाठक, बोले- अखिलेश को विकास से परेशानी
उत्तर प्रदेश की राजनीति में बयानबाज़ी का दौर तेज हो गया है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा 'डकैती' को लेकर दिए गए बयान के बाद सूबे के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने कड़ा पलटवार किया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि विपक्ष के पास मुद्दे नहीं बचे हैं, इसलिए वह बेबुनियाद आरोप लगाकर सुर्खियां बटोरने की कोशिश कर रहा है।
बृजेश पाठक ने कहा, “अखिलेश जी के पेट में दर्द है । उनसे पूछिए कि क्या सरकार किसी भी विभाग की रोजमर्रा की कार्यप्रणाली में दखल देती है? हमारी सरकार की प्राथमिकता विकास, सुशासन और सबको न्याय देना है।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था पहले से कहीं बेहतर हुई है और अपराधियों पर सख्ती से कार्रवाई की जा रही है।
दरअसल, उपमुख्यमंत्री एक दिवसीय दौरे पर बरेली पहुंचे थे, जहां उन्होंने पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ संगठनात्मक बैठक की। बैठक में बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने, कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने और सरकारी योजनाओं की जानकारी आम जनता तक पहुंचाने पर चर्चा हुई।
पाठक ने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे विपक्ष के आरोपों का तथ्यों के साथ जवाब दें और जनता को सरकार की उपलब्धियों से अवगत कराएं।
कानून व्यवस्था के मुद्दे पर बोलते हुए पाठक ने दावा किया कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में अपराध और अराजकता चरम पर थी। बिजली, सड़क, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाएं भी बदहाल थीं। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार ने इन क्षेत्रों में व्यापक सुधार किए हैं।
उनके अनुसार, प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और उत्तर प्रदेश अब राजस्व अधिशेष राज्य के रूप में उभर रहा है। निवेश के सवाल पर उन्होंने कहा कि बेहतर कानून व्यवस्था और पारदर्शी नीतियों के कारण निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। कई बड़े उद्योग समूहों ने प्रदेश में निवेश किया है, जिससे रोजगार के अवसर भी बढ़े हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार अपराध और भ्रष्टाचार के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' नीति पर काम कर रही है।
होली और रमजान के मद्देनज़र शांति व्यवस्था को लेकर उठ रहे सवालों पर भी उन्होंने प्रतिक्रिया दी। पाठक ने कहा कि प्रशासन को स्पष्ट निर्देश हैं कि किसी भी तरह की अव्यवस्था बर्दाश्त नहीं की जाएगी। त्योहार सौहार्द और भाईचारे के प्रतीक हैं, और सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि सभी लोग सुरक्षित माहौल में अपने पर्व मना सकें ।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आगामी चुनावों को देखते हुए सत्तारूढ़ दल और विपक्ष के बीच बयानबाज़ी और तेज हो सकती है। फिलहाल, डकैती वाले बयान पर शुरू हुई यह जुबानी जंग उत्तर प्रदेश की राजनीति को और गरमा रही है।
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