CBSE का नया सिलेबस लागू, स्कूल में ही होगी तैयारी, AI पर खास फोकस बढ़ा आकर्षण
CBSE का नया सिलेबस लागू, स्कूल में ही होगी तैयारी, AI पर खास फोकस बढ़ा आकर्षण
Central Board of Secondary Education (CBSE) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए कक्षा 9 से 12 तक का नया सिलेबस जारी कर दिया है। इस बदलाव का उद्देश्य छात्रों को नई शिक्षा नीति के अनुसार बेहतर और आधुनिक शिक्षा देना है। बोर्ड ने 1 अप्रैल 2026 को कक्षा 11-12 और 2 अप्रैल को वेबिनार के जरिए कक्षा 9-10 के नए पाठ्यक्रम (फेज-1) की जानकारी दी।
CBSE के मुताबिक, यह नया सिलेबस National Education Policy 2020 (NEP 2020) और NCF-SE 2023 के आधार पर तैयार किया गया है। इसमें छात्रों पर पढ़ाई का बोझ कम करने और विषयों को समझने का तरीका आसान बनाने पर जोर दिया गया है। अब रटने की बजाय कॉन्सेप्ट समझने, क्रिटिकल थिंकिंग और प्रैक्टिकल एप्लिकेशन पर ज्यादा ध्यान दिया जाएगा।
इस मौके पर CBSE के चेयरपर्सन राहुल सिंह, सचिव हिमांशु गुप्ता और NCERT के निदेशक प्रो. डी.पी. सकलानी समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इस वेबिनार में देशभर से करीब 85,000 से ज्यादा प्रिंसिपल, शिक्षक और शिक्षा विशेषज्ञ शामिल हुए, जिससे यह साफ है कि इस बदलाव को बड़े स्तर पर लागू किया जाएगा।
नए सिलेबस की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें कम्पिटेंसी बेस्ड एजुकेशन और अनुभवात्मक (एक्सपीरियंस बेस्ड) लर्निंग पर जोर दिया गया है। यानी अब छात्रों को केवल किताबों तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि उन्हें प्रैक्टिकल तरीके से सीखने का मौका मिलेगा। इसके अलावा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और कम्प्यूटेशनल थिंकिंग जैसे आधुनिक विषयों को भी पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है, ताकि छात्र भविष्य की तकनीकी जरूरतों के लिए तैयार हो सकें।
इस सिलेबस में लचीले लर्निंग पाथवे भी दिए गए हैं, जिससे छात्र अपनी रुचि के अनुसार विषय चुन सकेंगे। साथ ही, लगातार मूल्यांकन (Continuous Assessment) की व्यवस्था भी लागू की जाएगी, जिससे छात्रों का मूल्यांकन केवल परीक्षा के आधार पर नहीं, बल्कि पूरे साल के प्रदर्शन पर होगा। इसके अलावा मल्टीडिसिप्लिनरी लर्निंग को भी बढ़ावा दिया गया है, जिससे छात्र एक साथ कई विषयों की समझ विकसित कर सकें।
CBSE ने सभी स्कूलों को निर्देश दिया है कि वे इस नए सिलेबस की जानकारी शिक्षकों, छात्रों और अभिभावकों तक पहुंचाएं और इसे सही तरीके से लागू करें। बोर्ड ने यह भी कहा है कि स्कूल अभिभावक-शिक्षक बैठकों (PTM) के जरिए इस बदलाव के बारे में जागरूकता बढ़ाएं, ताकि सभी लोग इस नई व्यवस्था को बेहतर तरीके से समझ सकें।
CBSE का कहना है कि इस नए सिलेबस का मुख्य उद्देश्य शिक्षा को ज्यादा प्रभावी, समावेशी और भविष्य के लिए तैयार बनाना है। इस बदलाव के जरिए छात्रों को सिर्फ परीक्षा के लिए नहीं, बल्कि असल जिंदगी की चुनौतियों के लिए तैयार किया जाएगा। कुल मिलाकर, नया पाठ्यक्रम शिक्षा प्रणाली में बड़ा बदलाव माना जा रहा है, जो आने वाले समय में छात्रों के सीखने के तरीके को पूरी तरह बदल सकता है।
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