नवी मुंबई मेयर चुनाव में बीजेपी शिंदे खेमे में टकराव
नवी मुंबई मेयर चुनाव में बीजेपी शिंदे खेमे में टकराव
नवी मुंबई नगर निगम के मेयर चुनाव को लेकर सत्तारूढ़ महायुति में खींचतान खुलकर सामने आ गई है। बीजेपी और मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के बीच पद को लेकर सहमति नहीं बन पाने से राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। सवाल उठाए जा रहे हैं कि क्या इस बार मेयर का चुनाव निर्विरोध कराने का फॉर्मूला फेल हो सकता है।
सूत्रों के अनुसार, महायुति के भीतर पहले यह सहमति बनने की कोशिश थी कि मेयर और डिप्टी मेयर के पदों पर आपसी तालमेल से उम्मीदवार तय किए जाएंगे। बताया जा रहा है कि बीजेपी मेयर पद पर अपना दावा मजबूत तरीके से पेश कर रही है, वहीं शिंदे गुट भी पीछे हटने के मूड में नहीं है। दोनों दलों के नेताओं के बीच कई दौर की बातचीत के बावजूद स्थिति साफ नहीं हो सकी है।
इस बीच, नवी मुंबई की स्थानीय राजनीति में भी बयानबाजी तेज हो गई है। बीजेपी के कुछ नेताओं का कहना है कि नगर निगम में पार्टी की स्थिति मजबूत है और इसी आधार पर मेयर पद पर दावा जायज है। वहीं दूसरी ओर, शिंदे गुट से जुड़े नेताओं का तर्क है कि महायुति में संतुलन बनाए रखने के लिए पदों का बंटवारा आपसी सहमति से होना चाहिए। प्रशासन का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया तय कार्यक्रम के अनुसार ही आगे बढ़ेगी।
बताया जा रहा है कि यदि अंतिम समय तक सहमति नहीं बनती है, तो मेयर पद के लिए सीधा चुनाव भी हो सकता है। ऐसी स्थिति में महायुति के भीतर मतभेद सार्वजनिक रूप से सामने आ सकते हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इसका असर भविष्य की स्थानीय राजनीति और गठबंधन की एकजुटता पर पड़ सकता है।
वहीं दूसरी ओर, विपक्षी दल इस पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं। विपक्ष का कहना है कि सत्तारूढ़ गठबंधन की अंदरूनी कलह नगर निगम के कामकाज को प्रभावित कर सकती है। सवाल उठाए जा रहे हैं कि क्या महायुति इस विवाद को समय रहते सुलझा पाएगी या मामला चुनावी मुकाबले तक पहुंचेगा।
फिलहाल नवी मुंबई मेयर चुनाव को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। आने वाले दिनों में यह साफ होगा कि बीजेपी और शिंदे गुट किसी साझा समाधान पर पहुंचते हैं या फिर राजनीतिक टकराव और गहराता है।
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