Last Updated Feb - 02 - 2026, 03:22 PM | Source : Fela News
शिवसेना सांसद संजय राउत ने अजित पवार की विमान दुर्घटना में हुई मौत को संदिग्ध बताया उन्होंने जस्टिस लोया प्रकरण का उल्लेख करते हुए जांच और पारदर्शिता की मांग की
महाराष्ट्र की राजनीति में उस समय हलचल तेज हो गई जब शिवसेना सांसद संजय राउत ने अजित पवार की मौत को लेकर सार्वजनिक रूप से सवाल खड़े किए। मीडिया से बातचीत में संजय राउत ने कहा कि अजित पवार की विमान दुर्घटना उन्हें जस्टिस बीएच लोया की मौत की याद दिलाती है। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे मामलों में केवल आधिकारिक बयानों पर निर्भर रहने के बजाय पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
सूत्रों के अनुसार, संजय राउत ने यह बयान देते हुए कहा कि जब भी कोई बड़ा और प्रभावशाली राजनीतिक चेहरा इस तरह अचानक दुनिया से जाता है, तो स्वाभाविक रूप से संदेह और सवाल पैदा होते हैं। उन्होंने कहा कि पर्दे के पीछे क्या हुआ, यह सामने आना जरूरी है। हालांकि उन्होंने किसी व्यक्ति या संस्था पर सीधे तौर पर आरोप नहीं लगाया, लेकिन मामले की गहराई से जांच की जरूरत पर जोर दिया।
इस बीच, राउत के बयान पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं। एनसीपी और बीजेपी से जुड़े नेताओं का कहना है कि अजित पवार की मौत एक दुखद हादसा थी और इस पर राजनीति करना उचित नहीं है। प्रशासन का कहना है कि विमान दुर्घटना की जांच तय प्रक्रिया के तहत की जा रही है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखा जा रहा है।
बताया जा रहा है कि नागरिक उड्डयन मंत्रालय और संबंधित एजेंसियों की ओर से तकनीकी जांच शुरू कर दी गई है। प्रारंभिक रिपोर्ट में खराब मौसम और तकनीकी कारणों की संभावना जताई गई है, हालांकि अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा। प्रशासन का कहना है कि किसी भी तरह की अटकलों से बचना चाहिए और जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जाना चाहिए।
वहीं दूसरी ओर, संजय राउत के बयान के बाद सोशल मीडिया पर भी बहस तेज हो गई है। कुछ लोग पारदर्शी जांच की मांग का समर्थन कर रहे हैं, जबकि कई लोगों का कहना है कि दुख की इस घड़ी में संयम बरतना चाहिए। सवाल उठाए जा रहे हैं कि क्या इस तरह के बयानों से जांच प्रक्रिया पर दबाव बनता है।
फिलहाल अजित पवार की मौत को लेकर आधिकारिक जांच जारी है और राजनीतिक बयानबाजी के बीच प्रशासन की नजर स्थिति पर बनी हुई है। आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट के आधार पर ही स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद जताई जा रही है।
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