BMC चुनाव की मतगणना शुरू, मुंबई की सत्ता पर किसका होगा कब्जा ?
BMC चुनाव की मतगणना शुरू, मुंबई की सत्ता पर किसका होगा कब्जा ?
महाराष्ट्र में बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) समेत कई नगर निगमों के चुनाव के लिए आज शुक्रवार, 16 जनवरी 2026 को वोटों की गिनती जारी है. मुंबई की सियासत के लिए अहम माने जा रहे इस चुनाव के नतीजों पर पूरे राज्य की निगाहें टिकी हुई हैं. 227 वार्डों वाली देश की सबसे अमीर नगर निगम पर इस बार किसका राज होगा, इसका फैसला आज हो जाएगा.
बीएमसी चुनाव के लिए गुरुवार को मतदान हुआ था, जिसमें 52.94 प्रतिशत वोटिंग दर्ज की गई. यह आंकड़ा 2017 के चुनाव में हुए 55.53 प्रतिशत मतदान से थोड़ा कम रहा. सुबह 10 बजे से मतगणना की प्रक्रिया शुरू हुई, जिसके लिए शहरभर में 23 काउंटिंग सेंटर और काउंटिंग रूम बनाए गए हैं. मतगणना को लेकर सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम किए गए हैं.
पिछले चुनावों की तुलना में इस बार मतगणना की प्रक्रिया में बदलाव किया गया है. सभी 227 वार्डों की गिनती एक साथ शुरू करने के बजाय, एक समय में केवल दो वार्डों की मतगणना की जा रही है. इस व्यवस्था के तहत सुबह 10 बजे केवल 46 वार्डों की गिनती शुरू हुई. अधिकारियों के अनुसार, इस बदलाव के कारण शुरुआती रुझान धीरे-धीरे सामने आएंगे और सभी सीटों की स्थिति एक साथ स्पष्ट नहीं होगी.
बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन जनरल इलेक्शन 2025-26 के तहत कुल 23 इलेक्शन डिसीजन ऑफिसर नियुक्त किए गए हैं. हर अधिकारी के अंतर्गत स्ट्रॉन्ग रूम और काउंटिंग एरिया तय किए गए हैं, जिन्हें पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट और पुलिस विभाग से जरूरी मंजूरी मिल चुकी है. मतगणना प्रक्रिया राज्य निर्वाचन आयोग की गाइडलाइंस और मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट का पालन करते हुए पूरी की जा रही है.
म्युनिसिपल कमिश्नर और डिस्ट्रिक्ट इलेक्शन ऑफिसर भूषण गगरानी ने मतगणना व्यवस्था का खुद रिव्यू किया. उन्होंने बताया कि पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी, सुरक्षित और समयबद्ध रखने के लिए सभी तैयारियां पहले ही पूरी कर ली गई हैं. काउंटिंग सेंटर्स पर CCTV निगरानी, फायर सेफ्टी और मेडिकल सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं. इसके साथ ही पुलिस विभाग के साथ समन्वय बनाकर लॉ एंड ऑर्डर बनाए रखने के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं.
ट्रांसपेरेंसी सुनिश्चित करने के लिए कुल 779 सुपरवाइज़र, 770 असिस्टेंट और 770 क्लास-IV कर्मचारी तैनात किए गए हैं. सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को पहले ही प्रशिक्षण दिया जा चुका है. मतगणना केंद्रों पर मीडिया के लिए अलग व्यवस्था की गई है और परिणाम घोषित करते समय कंप्यूटर सिस्टम के जरिए सटीकता बनाए रखी जाएगी.
अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि आखिर बीएमसी की सत्ता किसके हाथ में जाएगी और मुंबई की राजनीति में कौन नया इतिहास रचेगा.
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