Fela News Lifestyle Header Banner

क्या सतुआ बाबा की रोटी वाला वीडियो सच में मुद्दा बन गया

क्या सतुआ बाबा की रोटी वाला वीडियो सच में मुद्दा बन गया

Last Updated Jan - 16 - 2026, 04:25 PM | Source : Fela News

प्रयागराज के माघ मेले में चर्चित ‘सतुआ बाबा’ ने डीएम के रोटी बनाने वाले वायरल वीडियो पर खुलकर सफाई दी और बताया कि ऐसा क्यों हुआ, वहीं उनकी लग्जरी जीवनशैली भी सु
क्या सतुआ बाबा की रोटी वाला वीडियो सच में मुद्दा बन गया
क्या सतुआ बाबा की रोटी वाला वीडियो सच में मुद्दा बन गया

माघ मेले 2026 के दौरान एक संत संतोष दास उर्फ सतुआ बाबा सबसे ज्यादा चर्चा में रहे हैं। उनके चार्टर प्लेन, 3 करोड़ रुपये की लैंड रोवर डिफेंडर और 5.5 करोड़ की पोर्श कार जैसी लक्जरी चीजों के चर्चे पहले ही सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो चुके हैं। लोग यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि साधु-संत के पास इतनी महंगी चीज़ें कैसे हैं और वे इन्हें लेकर मेला में कैसे घूमते हैं।

इसके बीच एक वीडियो और वायरल हुआ जिसमें प्रयागराज के जिलाधिकारी (DM) मनीष वर्मा देखा गया कि वे सतुआ बाबा के आश्रम में रोटियां बना रहे हैं। वीडियो के सामने आने पर कई सवाल उठे कि प्रशासन अपने काम के अलावा संत के लिए रोटी क्यों बना रहा है। इस पर सतुआ बाबा ने आज तक से खास बातचीत में जवाब दिया कि यह किसी खास कार्य या सम्मान का मामला नहीं था। जब DM सतुआ बाबा के शिविर में आए, तो वहाँ साधु-संतों के साथ भोजन बनाया जा रहा था और उन्होंने बचपन की याद ताज़ा करने के लिए रोटी बनाई। बाबा ने कहा कि इसे मुद्दा बनाना गलत है और रोटी बनाना या खाना कोई अपराध नहीं है।

सतुआ बाबा खुद को सनातन परंपरा की एक पहचान बताते हैं। वे कहते हैं कि अध्यात्म का वैभव सीमाओं में नहीं बंधा होता और भक्त श्रद्धा के अनुसार विभिन्न रूपों से सेवा और भोग दान करते हैं। बाबा ने कहा कि उनके लिए लक्ष्य और उद्देश्य महत्वपूर्ण हैं, न कि गाड़ियों की कीमत या ब्रांड। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें खुद गाड़ियों की कंपनी या कीमत की जानकारी नहीं है, और उनका ध्यान सिर्फ साधना और समाज के संदेश पर है।

डीएम द्वारा रोटी बनाने के इस मुद्दे पर उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी खुलकर टिप्पणी की थी, और कहा था कि प्रशासन को ऐसे विवादों से बचना चाहिए। कुछ राजनीतिक और सामाजिक समीक्षक इस घटना को प्रशासन-संतों के बीच बढ़ती निकटता और पारंपरिक धार्मिक आयोजन में लांछन के रूप में देख रहे हैं।

सतुआ बाबा ने बांग्लादेश में हिन्दुओं पर कथित परेशानियों का भी ज़िक्र किया और कहा कि अगर ज़रूरत पड़ी तो साधु-संत मिलकर उसके खिलाफ आवाज़ उठाएँगे। माघ मेले में उनकी उपस्थिति, लक्जरी वस्तुओं के बीच भी उनके सरल व्यवहार जैसे बुलडोजर पर घूमना और संगम पर श्रद्धालुओं के साथ बैठक, दोनों ने उन्हें सोशल मीडिया पर अलग पहचान दी है।

कुल मिलाकर, सतुआ बाबा की यह कहानी सिर्फ एक धार्मिक आयोजन का हिस्सा नहीं रह गई, बल्कि सोशल मीडिया पर प्रशासन, धार्मिक व्यक्ति और राजनीतिक टिप्पणियों का सम्मिश्रण बन गई है, जिससे माघ मेले 2026 के माहौल में कई अलग-अलग चर्चा-बिंदु उभर कर सामने आए हैं।

यह भी पढ़ें: 

योगी सरकार का बड़ा संकेत, बड़े पैमाने पर सियासी बदलाव संभव

Share :

Trending this week

असम जोरहाट विमान हादसा

Jun - 13 - 2026

असम के जोरहाट में शनिवार को भारतीय वायुसेना (IAF) का AN-32 ट्रा... Read More

पंजाब में CM उम्मीदवार पर सस्पेंस खत्म

Jun - 13 - 2026

पंजाब की राजनीति में चुनावी हलचल तेज हो गई है। आम आदमी पा... Read More

कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन में पहुंची टीचर सस्पेंड

Jun - 13 - 2026

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन में शामिल होने के बाद ... Read More