बिहार में कांग्रेस पर मंडराया खतरा, 6 MLA को दिल्ली बुलाया गया
बिहार में कांग्रेस पर मंडराया खतरा, 6 MLA को दिल्ली बुलाया गया
बिहार में विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजों के बाद कांग्रेस गहरे राजनीतिक संकट से गुजर रही है. राज्य में पार्टी को सिर्फ 6 सीटों पर जीत मिली थी, लेकिन अब इन छह विधायकों के भी पार्टी से अलग होने की अटकलों ने कांग्रेस नेतृत्व की चिंता बढ़ा दी है. अगर ये विधायक पार्टी छोड़ते हैं तो बिहार विधानसभा में कांग्रेस का खाता पूरी तरह बंद हो सकता है. इसी संभावित खतरे को देखते हुए कांग्रेस आलाकमान ने तुरंत हस्तक्षेप करते हुए सभी छह विधायकों को 23 जनवरी को दिल्ली बुलाया है.
सूत्रों के अनुसार कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी इन विधायकों के साथ इंदिरा भवन में अहम बैठक करेंगे. बैठक का मकसद पार्टी में चल रही नाराजगी को समझना, टूट की संभावना को रोकना और संगठन को दोबारा मजबूत करना है. जानकारी के मुताबिक राहुल गांधी विधायकों से व्यक्तिगत रूप से बातचीत भी करेंगे ताकि उनकी शिकायतों को सीधे सुना जा सके.
दरअसल, बिहार कांग्रेस नेतृत्व ने पहले प्रदेश स्तर पर इन विधायकों से संपर्क साधने की कोशिश की थी. प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने कई बार बैठक के लिए बुलावा भेजा, लेकिन कोई भी विधायक शामिल नहीं हुआ. इस उपेक्षा को पार्टी ने गंभीरता से लिया और मामला सीधे केंद्रीय नेतृत्व तक पहुंचा. आलाकमान को आशंका है कि विधायकों की नाराजगी संगठन में उनकी भूमिका और चुनावी रणनीति से जुड़ी हो सकती है.
इधर, सत्तारूढ़ गठबंधन NDA ने कांग्रेस की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं. जेडीयू और बीजेपी के नेताओं का दावा है कि कांग्रेस के सभी छह विधायक उनके संपर्क में हैं और जल्द ही पार्टी छोड़ सकते हैं. NDA के इस बयान ने कांग्रेस खेमे में हड़कंप मचा दिया है. यही वजह है कि पार्टी ने संकट को भांपते हुए त्वरित 'डैमेज कंट्रोल' की रणनीति अपनाई है.
बिहार कांग्रेस में विधायक दल का नेता अब तक नहीं चुना जाना भी असंतोष की बड़ी वजह माना जा रहा है. चुनाव परिणाम आए कई महीने हो चुके हैं, लेकिन आपसी खींचतान के चलते नेतृत्व तय नहीं हो सका. इससे विधायकों में अलग-थलग पड़ने की भावना बढ़ी है. दिल्ली बैठक में इस मुद्दे पर भी फैसला हो सकता है.
कांग्रेस अब इन विधायकों को संगठन में बड़ी जिम्मेदारी देकर उन्हें साधने की तैयारी में है. पार्टी चाहती है कि बिहार में आगामी लोकसभा और स्थानीय चुनावों से पहले संगठन को टूटने से बचाया जाए.
गौरतलब है कि बिहार में कांग्रेस के मौजूदा विधायक मनिहारी से मनोहर प्रसाद सिंह, वाल्मीकिनगर से सुरेंद्र प्रसाद, अररिया से आबिदुर रहमान, चनपटिया से अभिषेक रंजन, किशनगंज से मो. कमरूल होदा और फारबिसगंज से मनोज विश्वास हैं. इन सभी की दिल्ली में मौजूदगी और बैठक का नतीजा अब बिहार कांग्रेस के भविष्य के लिए निर्णायक माना जा रहा है.
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