Last Updated Jan - 19 - 2026, 05:34 PM | Source : Fela News
दिल्ली में AAP नेता आतिशी के विधानसभा भाषण को लेकर विवाद बढ़ा। BJP ने धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप लगाते हुए उनकी चुप्पी और अनुपस्थिति पर सवाल उठाए।
दिल्ली की राजनीति में एक बार फिर बयानबाज़ी को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। आम आदमी पार्टी (AAP) की वरिष्ठ नेता और दिल्ली सरकार में मंत्री रह चुकी आतिशी मार्लेना पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने सिख गुरुओं का अपमान करने का आरोप लगाया है। BJP का दावा है कि 6 जनवरी को दिल्ली विधानसभा में दिए गए आतिशी के भाषण में ऐसे शब्दों का प्रयोग किया गया, जिससे सिख समाज की भावनाएं आहत हुईं।
दिल्ली BJP के मीडिया प्रमुख और प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर ने इस पूरे मामले को लेकर आतिशी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि भाषण के बाद से आतिशी का विधानसभा, मीडिया और सार्वजनिक कार्यक्रमों से दूरी बना लेना इस बात का संकेत है कि उन्हें अपने बयान पर अपराधबोध है।
कपूर ने आरोप लगाया कि आतिशी ने अपने भाषण में सिख गुरु साहिबान के संदर्भ में कथित रूप से असंवेदनशील और अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया। हालांकि BJP ने अब तक भाषण के पूरे आधिकारिक अंश सार्वजनिक नहीं किए हैं, लेकिन पार्टी लगातार इस मुद्दे को राजनीतिक और धार्मिक रूप से उठा रही है।
BJP का कहना है कि आतिशी की चुप्पी ही सबसे बड़ा सवाल है। प्रवीण शंकर कपूर ने कहा, "अगर बयान में कुछ भी गलत नहीं था तो आतिशी सामने आकर सफाई क्यों नहीं दे रहीं ? उनका अचानक सार्वजनिक जीवन से दूर होना संदेह पैदा करता है।"
AAP पर धार्मिक मुद्दों को लेकर दोहरा रवैया ?
BJP ने इस विवाद को AAP की कथित धर्म विरोधी' राजनीति से जोड़ने की कोशिश भी की है। कपूर ने कहा कि यह कोई पहला मामला नहीं है जब आम आदमी पार्टी के किसी नेता पर धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप लगा हो।
उन्होंने 23 दिसंबर को दिल्ली AAP अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज द्वारा सेंटा क्लॉज पर की गई टिप्पणी का जिक्र करते हुए कहा कि उस बयान से ईसाई समुदाय नाराज़ हुआ था, लेकिन पार्टी ने कोई माफी नहीं मांगी।
इसके साथ ही BJP ने 2022 में पूर्व मंत्री राजेंद्र पाल गौतम के विवादित बयान को भी फिर से उठाया, जिसमें उन्होंने एक कार्यक्रम के दौरान हिन्दू देवी-देवताओं से जुड़ी शपथ दिलाई थी। उस समय भी भाजपा और हिन्दू संगठनों ने तीखी प्रतिक्रिया दी थी।
प्रवीण शंकर कपूर ने कहा कि AAP नेताओं के विवादित बयानों का पैटर्न चिंताजनक है। “बार-बार अलग-अलग धर्मों को लेकर विवाद खड़े होना यह दिखाता है कि पार्टी संवेदनशील मुद्दों पर गंभीर नहीं है।" सिख समाज की प्रतिक्रिया का इंतज़ार फिलहाल इस मामले में सिख संगठनों की ओर से कोई आधिकारिक बड़ी प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन BJP इसे सिख भावनाओं से जुड़ा गंभीर मुद्दा बता रही है। पार्टी ने आतिशी से सार्वजनिक माफी की मांग की है।
AAP की तरफ से भी इस आरोप पर अभी तक कोई विस्तृत प्रतिक्रिया जारी नहीं की गई है। ऐसे में यह विवाद आने वाले दिनों में दिल्ली की राजनीति में और तूल पकड़ सकता है।
यह भी पढ़ें: