सोनम वांगचुक की रिहाई का फैसला, लद्दाख हिंसा मामले में केंद्र सरकार का बड़ा कदम

Updated on 2026-03-14T15:51:52+05:30

सोनम वांगचुक की रिहाई का फैसला, लद्दाख हिंसा मामले में केंद्र सरकार का बड़ा कदम

सोनम वांगचुक की रिहाई का फैसला, लद्दाख हिंसा मामले में केंद्र सरकार का बड़ा कदम

लद्दाख हिंसा मामले में गिरफ्तार सामाजिक कार्यकर्ता और इंजीनियर सोनम वांगचुक को केंद्र सरकार ने रिहा करने का फैसला किया है। सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत उनकी हिरासत को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है।

सोनम वांगचुक को कुछ महीने पहले लद्दाख में हुई हिंसा के बाद गिरफ्तार किया गया था। सरकार का कहना है कि यह फैसला क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने और सभी पक्षों के साथ रचनात्मक संवाद को आगे बढ़ाने के लिए लिया गया है।

जानकारी के अनुसार, 24 सितंबर 2025 को लेह में हिंसा के कारण कानून-व्यवस्था की गंभीर स्थिति बन गई थी। इसके बाद लेह के जिला मजिस्ट्रेट के आदेश पर 26 सितंबर 2025 को सोनम वांगचुक को NSA के तहत हिरासत में लिया गया था। वह अपनी हिरासत की अवधि का करीब आधा समय जेल में बिता चुके हैं।

केंद्र सरकार का कहना है कि वह लद्दाख के विभिन्न सामाजिक संगठनों और नेताओं से बातचीत कर क्षेत्र के लोगों की चिंताओं को दूर करने की कोशिश कर रही है। हालांकि हाल के बंद और प्रदर्शनों से छात्रों, नौकरी चाहने वालों, व्यापारियों, पर्यटन क्षेत्र और स्थानीय अर्थव्यवस्था पर असर पड़ा है।

सोनम वांगचुक लद्दाख के जाने-माने इंजीनियर, शिक्षाविद और सामाजिक कार्यकर्ता हैं। वह लंबे समय से शिक्षा सुधार और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े मुद्दों पर काम कर रहे हैं। आमिर खान की फिल्म ‘थ्री इडियट्स’ में दिखाया गया फुनसुक वांगडू का किरदार भी उनसे ही प्रेरित माना जाता है। हाल के वर्षों में वह लद्दाख के लिए संवैधानिक सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय अधिकारों को लेकर भी आंदोलन करते रहे हैं।

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