दिल्ली-NCR को मिलेगा सुपरफास्ट कॉरिडोर, गडकरी-रेखा गुप्ता का निरीक्षण

Updated on 2026-05-20T13:16:49+05:30

दिल्ली-NCR को मिलेगा सुपरफास्ट कॉरिडोर, गडकरी-रेखा गुप्ता का निरीक्षण

दिल्ली-NCR को मिलेगा सुपरफास्ट कॉरिडोर, गडकरी-रेखा गुप्ता का निरीक्षण

दिल्ली-एनसीआर के लोगों को जल्द ही ट्रैफिक जाम, लंबी दूरी और घंटों की यात्रा से बड़ी राहत मिलने वाली है. राजधानी और आसपास के शहरों की कनेक्टिविटी मजबूत करने के लिए बन रहे DND-फरीदाबाद-सोहना एक्सेस कंट्रोल्ड हाईवे पर तेजी से काम चल रहा है. बुधवार को केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री Nitin Gadkari और दिल्ली की मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने इस मेगा प्रोजेक्ट का निरीक्षण किया और निर्माण कार्य की प्रगति का जायजा लिया.

करीब 59 किलोमीटर लंबे इस हाईस्पीड कॉरिडोर को लगभग 4463 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया जा रहा है. हाईवे बनने के बाद दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, फरीदाबाद, गुरुग्राम और सोहना के बीच सफर बेहद आसान, तेज और आरामदायक हो जाएगा. सबसे बड़ी बात यह है कि यह प्रोजेक्ट सीधे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे और जेवर एयरपोर्ट को जोड़ने का काम करेगा, जिससे लाखों यात्रियों और कारोबारियों को फायदा मिलेगा.

यह हाईवे भारतमाला परियोजना के तहत विकसित किया जा रहा है और इसमें दुनिया की आधुनिक सड़क तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है. प्रोजेक्ट की सबसे बड़ी खासियत 140 मीटर लंबा नेटवर्क आर्च ब्रिज है, जिसे भारत की सबसे एडवांस स्टील ब्रिज संरचनाओं में गिना जा रहा है. हाईवे पर हाई-स्ट्रेंथ स्टील, प्रीकास्ट सेगमेंटल कंस्ट्रक्शन, हाई-डैम्पिंग रबर बेयरिंग और एडवांस सेफ्टी सिस्टम लगाए जा रहे हैं, जिससे सफर ज्यादा सुरक्षित और स्मूद होगा.

सरकार का दावा है कि इस हाईवे के शुरू होने से दिल्ली-एनसीआर में ट्रैफिक का दबाव काफी कम होगा. खासतौर पर दक्षिण दिल्ली, फरीदाबाद और गुरुग्राम से जेवर एयरपोर्ट जाने वाले यात्रियों का समय घंटों से घटकर कुछ मिनटों में रह जाएगा.

पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए भी इस प्रोजेक्ट में खास काम किया गया है. ओखला और गाजीपुर लैंडफिल से निकली लाखों टन निष्क्रिय सामग्री का इस्तेमाल सड़क निर्माण में किया जा रहा है. इसके अलावा हाईवे किनारे बड़े स्तर पर पौधारोपण, ग्रीन बेल्ट और नॉइज बैरियर लगाए जा रहे हैं.

विशेषज्ञों का मानना है कि यह कॉरिडोर सिर्फ एक सड़क परियोजना नहीं, बल्कि दिल्ली-एनसीआर की आर्थिक, औद्योगिक और इंफ्रास्ट्रक्चर तस्वीर बदलने वाला गेमचेंजर प्रोजेक्ट साबित हो सकता है।

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