क्या UN में सच में हत्या की धमकी का सच सामने आया

Updated on 2026-01-16T15:02:34+05:30

क्या UN में सच में हत्या की धमकी का सच सामने आया

क्या UN में सच में हत्या की धमकी का सच सामने आया

गुरुवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की आपात बैठक में ईरान के विद्रोही कार्यकर्ता मसीह अलीनेजाद ने बड़ा आरोप लगाया और सीधा मुकाबला किया। अलीनेजाद, जो अमेरिका में रहकर ईरानी शासन की निंदा करती रही हैं, उन्होंने परिषद के मंच से ईरानी प्रतिनिधि के सामने कहा कि “तुमने मुझे तीन बार मारने की कोशिश की है” और इसके पीछे ईरानी सरकार को दोषी ठहराया।

अलीनेजाद ने कहा कि उन्हें जान से मारने की कोशिशें सिर्फ आरोप नहीं हैं। उन्होंने बताया कि उन्होंने अपनी आंखों से उस शख्स को भी देखा, जिसे हत्या के लिए भेजा गया था — वह उनके ब्रुकलिन स्थित घर के बाहर उनके बगीचे के सामने खड़ा था।  यह बयान तब आया जब अमेरिकी और अन्य देशों ने ईरान में हो रहे हिंसक तनाव, विरोध प्रदर्शन और राज्य द्वारा क्रूर दमन के बारे में चर्चा के लिए बैठक बुलाई थी।

इस बीच, ईरानी अधिकारी ने अलीनेजाद की ओर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी और चुप्पी साधे रहे, जबकि अलीनेजाद ने कहा कि ईरानी शासन चरमपंथी संगठनों की तरह व्यवहार कर रहा है और उसे उसी तरह देखा जाना चाहिए।

इस बैठक में अमेरिका ने ईरान के भीतर जारी विरोध और दमन पर चिंता जताई। अमेरिकी राजदूत ने कहा कि ईरान के लोग अपनी आज़ादी के लिए बिना किसी डर के आवाज़ उठा रहे हैं, और अमेरिका उनके साथ खड़ा है। हालांकि, संयुक्त राष्ट्र महासचिव कार्यालय ने सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की और चेतावनी दी कि स्थिति और अधिक अस्थिर हो सकती है।

मसीह अलीनेजाद लंबे समय से ईरानी शासन की आलोचना कर रही हैं, और अमेरिका में रहकर अपने अभियान को आगे बढ़ा रही हैं। उनके खिलाफ हत्या की योजनाएं और आरोप पहले भी सार्वजनिक रूप से सामने आ चुके हैं, जिसमें आरोप रहे हैं कि ईरानी सरकारी या उसकी समर्थक एजेंसियों ने उनकी जान लेने की कोशिशें कीं — कुछ मामलों में आरोपित लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है।

इस घटनाक्रम ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईरान के अंदर की राजनीतिक स्थिति और मानवाधिकार संकट को फिर से उजागर कर दिया है। अलीनेजाद का आरोप और उसका UN प्रस्तुतिकरण इस बात का संकेत है कि वह दुनिया से चाहता है कि वह ईरान में हो रहे विरोध-प्रदर्शन और मानवाधिकार हनन पर तेज़ और कड़ा कदम उठाए, केवल निंदा से काम नहीं चलेगा।

कुल मिलाकर, UN सुरक्षा परिषद में यह सीरा घटनाक्रम न सिर्फ ईरान के खिलाफ आरोपों को उजागर कर रहा है बल्कि वैश्विक मंच पर मानवीय मुद्दों और दमन के खिलाफ आवाज़ उठाने की अहमियत को भी दिखा रहा है।

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