Last Updated Jan - 16 - 2026, 02:51 PM | Source : Fela News
मिनेसोटा के मिनियापोलिस शहर में इमिग्रेशन एजेंट्स के खिलाफ तनाव के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जनता को चेतावनी देते हुए सेना भेजने की धमकी दी है,
अमेरिका के मिनेसोटा राज्य में राष्ट्रीय स्तर पर इमिग्रेशन और सीमा शुल्क प्रवर्तन (ICE) के खिलाफ बड़े प्रदर्शन हो रहे हैं। यह हंगामा तब शुरू हुआ जब एक ICE अधिकारी ने स्थानीय नागरिक रेनी गुड की मौत कर दी, जिससे स्थानीय लोग सड़कों पर उतर आए और प्रदर्शन उग्र रूप ले लिया। कई दिनों से जारी इस विरोध के बीच राष्ट्रपति ट्रंप ने बेहद कड़े शब्दों में चेतावनी दी कि यदि राज्य के नेता कानून का पालन नहीं करेंगे, तो वह सेना भेज देंगे।
ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म “Truth Social” पर लिखा कि अगर मिनेसोटा के “भ्रष्ट राजनेता” स्थानीय प्रदर्शनकारियों को ICE एजेंटों पर हमले से नहीं रोकते, तो वह विद्रोह अधिनियम (Insurrection Act) लागू कर विशेषज्ञ सैन्य बलों को तैनात कर देंगे। इस कानून के तहत राष्ट्रपति देश के अंदर सेना को तैनात कर सकता है जब वहां अशांति या विद्रोह को काबू में लाना मुश्किल हो जाए।
यह धमकी ऐसे समय में आई है जब पहले से ही संघीय एजेंटों और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पें जारी हैं। पिछले सप्ताह एक ICE अधिकारी ने एक वेनेज़ुएला मूल व्यक्ति के पैर में गोली मारी थी, जिससे स्थिति और भी तनावपूर्ण हो गई है। स्थानीय लोगों ने आंसू गैस और फ्लैश-बैंग ग्रेनेड का सामना करते हुए विरोध प्रदर्शन किए।
ट्रंप प्रशासन का कहना है कि ICE एजेंट केवल अपना काम कर रहे हैं और प्रदर्शनकारी “आक्रमणकारी” हैं, लेकिन राज्य के कुछ नेताओं और स्थानीय लोगों ने इस कदम की आलोचना की है। मिनियापोलिस के महापौर और मिनेसोटा के गवर्नर ने शांतिपूर्ण ढंग से विरोध करने की अपील की है और स्थिति को संभालने की कोशिश की है ताकि हिंसा न बढ़े।
विद्रोह अधिनियम 1800 के दशक का कानून है जो राष्ट्रपति को देश के भीतर सेना भेजने का अधिकार देता है, लेकिन यह कदम विवादास्पद भी माना जाता है क्योंकि इससे संघीय और राज्य सरकारों के बीच टकराव बढ़ सकता है। कई विशेषज्ञ भी कहते हैं कि इस कानून का उपयोग शायद ही कभी हुआ है और यह गणतंत्र में असामान्य कदम माना जाता है।
अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या ट्रंप अपनी धमकी को साकार करेंगे और सेना की तैनाती से प्रदर्शन को दबाने की कोशिश करेंगे, या कोई समाधान निकलेगा जो हिंसा और तनाव को कम करे। मिनेसोटा की यह स्थिति न केवल अमेरिका के भीतर बल्कि विश्व मंच पर भी विवाद और चिंता का एक बड़ा मुद्दा बन चुकी है।
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