Last Updated May - 23 - 2026, 01:43 PM | Source : Fela News
अमेरिका में ग्रीन कार्ड नियम सख्त, हर केस की होगी अलग जांच. अधिकारियों को मिला नया आदेश, भारतीय आवेदकों के लिए बढ़ सकती हैं मुश्किलें और राहत पाने का रास्ता होगा पहले से कठिन.
अमेरिका में ग्रीन कार्ड को लेकर नियम अब पहले से ज्यादा सख्त हो गए हैं. US सिटिज़नशिप एंड इमिग्रेशन सर्विसेज (USCIS) ने नया पॉलिसी मेमो जारी कर साफ कर दिया है कि ग्रीन कार्ड के लिए “स्टेटस में बदलाव” चाहने वाले विदेशी नागरिकों को अब अमेरिका छोड़कर अपने देश वापस जाना पड़ सकता है. भारतीयों के लिए इसका सीधा मतलब है कि उन्हें भारत लौटकर कांसुलर प्रोसेसिंग के जरिए आवेदन करना होगा.
USCIS ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि हर आवेदन की अलग-अलग जांच की जाए और सभी तथ्यों को ध्यान में रखकर फैसला लिया जाए कि किसी आवेदक को राहत दी जानी चाहिए या नहीं. एजेंसी का कहना है कि अब इमिग्रेशन सिस्टम को “कानून के असली मकसद” के मुताबिक चलाया जाएगा, ताकि लोग नियमों की कमियों का फायदा न उठा सकें.
USCIS प्रवक्ता ज़ैक काहलर ने कहा कि विदेशी नागरिकों को ग्रीन कार्ड आवेदन के लिए अपने देश लौटना होगा. हालांकि कुछ खास मामलों में छूट दी जा सकती है. उन्होंने यह भी कहा कि इस कदम से उन लोगों पर रोक लगेगी जो अमेरिका में अस्थायी वीजा पर आकर बाद में गैर-कानूनी तरीके से रुक जाते हैं.
इस नए नियम का सबसे ज्यादा असर भारतीय H-1B प्रोफेशनल्स और F-1 वीजा पर पढ़ाई कर रहे छात्रों पर पड़ सकता है. इमिग्रेशन एक्सपर्ट्स का कहना है कि पहले अमेरिका में रहकर ग्रीन कार्ड आवेदन को आसान रास्ता माना जाता था, लेकिन अब अधिकारियों के विवेक पर निर्भरता बढ़ जाएगी. केवल वैध H-1B या L-1 स्टेटस बनाए रखना ही अब मंजूरी की गारंटी नहीं माना जाएगा.
वकीलों का मानना है कि अब आवेदकों को अपने केस को मजबूत बनाने के लिए सिर्फ योग्यता ही नहीं, बल्कि अमेरिका में अपने अच्छे रिकॉर्ड, टैक्स हिस्ट्री, करियर ग्रोथ, पारिवारिक रिश्ते और समाज में योगदान जैसी सकारात्मक बातों को भी दिखाना होगा. वहीं F-1 वीजा वाले छात्रों के लिए स्थिति और मुश्किल हो सकती है, क्योंकि पढ़ाई के दौरान उन्होंने अमेरिका छोड़ने का वादा किया होता है.
ग्रीन कार्ड के लिए पहले से लंबा इंतजार झेल रहे भारतीय परिवारों के लिए यह बदलाव चिंता बढ़ाने वाला माना जा रहा है. एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अब अमेरिका में रहकर स्टेटस बदलवाना पहले जितना आसान नहीं रहेगा और पूरी प्रक्रिया ज्यादा जटिल व अनिश्चित हो सकती है.
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