गाजा शांति बोर्ड बना, ट्रंप की टीम में वैश्विक दिग्गज शामिल
गाजा शांति बोर्ड बना, ट्रंप की टीम में वैश्विक दिग्गज शामिल
अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने युद्ध से तबाह गाजा के पुनर्निर्माण और शासन व्यवस्था को नई दिशा देने के लिए एक अहम पहल की है। गुरुवार को उन्होंने सात सदस्यीय 'गाजा शांति बोर्ड' के गठन का ऐलान करते हुए इसके सदस्यों के नाम सार्वजनिक किए। ट्रंप खुद इस बोर्ड के अध्यक्ष होंगे और इसका उद्देश्य गाजा में स्थिरता, विकास और प्रशासनिक ढांचे को दोबारा खड़ा करना बताया गया है।
व्हाइट हाउस के अनुसार, इस शांति बोर्ड में अमेरिका के विदेश मंत्री Marco Rubio, ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री Tony Blair, वर्ल्ड बैंक के अध्यक्ष Ajay Banga और ट्रंप के दामाद व वरिष्ठ सलाहकार Jared Kushner शामिल किए गए हैं। इनके अलावा ट्रंप के विशेष दूत और प्रॉपर्टी डेवलपर स्टीव विटकॉफ भी बोर्ड का हिस्सा होंगे। व्हाइट हाउस ने संकेत दिया है कि आने वाले हफ्तों में बोर्ड में कुछ और नियुक्तियां भी हो सकती हैं।
शांति बोर्ड की भूमिका केवल पुनर्निर्माण तक सीमित नहीं रहेगी। बयान के मुताबिक, बोर्ड के हर सदस्य को गाजा से जुड़े अलग-अलग क्षेत्रों की जिम्मेदारी दी जाएगी। इनमें शासन क्षमता का विकास, क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय संबंध मजबूत करना, बुनियादी ढांचे का पुनर्निर्माण, निवेश आकर्षित करना, बड़े पैमाने पर फंडिंग और पूंजी जुटाना जैसे अहम कार्य शामिल हैं। प्रशासन का मानना है कि इस मॉडल से गाजा में दीर्घकालिक स्थिरता की नींव रखी जा सकेगी।
हालांकि, इस बोर्ड में टोनी ब्लेयर की नियुक्ति को लेकर विवाद की आशंका भी जताई जा रही है। ब्लेयर 2003 के इराक युद्ध में अमेरिका के समर्थन के कारण मिडिल ईस्ट में एक विवादास्पद चेहरा रहे हैं। बाद में उन्होंने इजराइल - फिलिस्तीन शांति प्रक्रिया से जुड़े 'क्वार्टेट' के विशेष प्रतिनिधि के रूप में भी काम किया था, लेकिन इजराइल के प्रति झुकाव के आरोपों के चलते 2015 में पद छोड़ दिया था।
ट्रंप प्रशासन का कहना है कि मौजूदा हालात असाधारण हैं और इसके लिए असाधारण नेतृत्व की जरूरत है। शांति बोर्ड के जरिए अमेरिका गाजा में न सिर्फ पुनर्निर्माण, बल्कि राजनीतिक और आर्थिक स्थिरता की दिशा में भी सक्रिय भूमिका निभाना चाहता है। अब सबकी नजर इस पर टिकी है कि यह बोर्ड ज़मीनी स्तर पर कितना प्रभावी साबित होता है और क्या गाजा को एक नई शुरुआत मिल पाती है या नहीं।
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