नफरत, गुस्सा, हिंसा नहीं जीतेगी, प्रियंका गांधी ने ईरान के साहस को सराहा

Updated on 2026-04-08T15:19:18+05:30

नफरत, गुस्सा, हिंसा नहीं जीतेगी, प्रियंका गांधी ने ईरान के साहस को सराहा

नफरत, गुस्सा, हिंसा नहीं जीतेगी, प्रियंका गांधी ने ईरान के साहस को सराहा

कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने अंतरराष्ट्रीय हालात पर खुलकर अपनी राय रखते हुए पश्चिमी देशों की तीखी आलोचना की है। उन्होंने ईरान के लोगों के साहस की सराहना करते हुए कहा कि जहां एक ओर पश्चिमी शक्तियां ‘सभ्यता के अंत जैसी घृणित भाषा का इस्तेमाल कर रही हैं, वहीं ईरान के नागरिक अपने देश के संसाधनों की रक्षा के लिए एकजुट होकर खड़े हैं।

ट्रंप की धमकी के बाद बढ़ा तनाव

दरअसल, अमेरिका के  राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने हाल ही में ईरान को लेकर बड़ा बयान दिया था। उन्होंने चेतावनी दी थी कि अगर तय समयसीमा तक बातचीत सफल नहीं होती, तो अमेरिका ईरान के पावर प्लांट, पुल और अन्य बुनियादी ढांचे को निशाना बना सकता है। इस बयान के बाद मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर पहुंच गया।

सड़कों पर उतरे ईरानी, बनाई मानव श्रृंखला

ट्रंप की इस चेतावनी के बाद ईरान में आम नागरिक सड़कों पर उतर आए। लोगों ने अपने देश के ऊर्जा संसाधनों की रक्षा के लिए पावर प्लांट्स और अहम स्थानों के चारों ओर मानव श्रृंखला बनाई। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में बड़ी संख्या में लोग एकजुट होकर सुरक्षा में खड़े नजर आए। अहवाज के व्हाइट ब्रिज जैसे इलाकों में भी हजारों लोग इकट्ठा हुए।

‘पश्चिम की नैतिकता पर उठे सवाल’

प्रियंका गांधी ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पूरी दुनिया अब देख रही है कि पश्चिमी देशों की तथाकथित नैतिकता का असली चेहरा सामने आ रहा है। उन्होंने कहा कि यह समय है सच्चाई को पहचानने और न्याय के पक्ष में खड़े होने का। उनके मुताबिक, नफरत, गुस्सा, हिंसा और अन्याय कभी स्थायी जीत हासिल नहीं कर सकते।

‘साहस ही असली जीत दिलाता है’

सोशल मीडिया पर अपने बयान में प्रियंका गांधी ने कहा कि जहां एक ओर पश्चिमी शक्तियां ‘सभ्यता के अंत’ की बात कर रही थीं, वहीं ईरान के पुरुष और महिलाएं अपने संसाधनों की रक्षा के लिए मानव श्रृंखला बनाकर खड़े रहे। उन्होंने इसे साहस और एकता की मिसाल बताते हुए कहा कि अंत में जीत हमेशा साहस की ही होती है।

सीजफायर से मिली राहत

इस बीच तनाव के माहौल में राहत की खबर भी आई। डोनाल्ड ट्रंप ईरान के साथ दो हफ्तों के लिए सीजफायर पर सहमत हो गए। यह फैसला उनकी तय समयसीमा खत्म होने से ठीक पहले लिया गया, जिससे मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव को कुछ हद तक कम किया जा सका।

 राहुलगांधी का भी बयान आया सामने

वहीं कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी ट्रंप के बयान की आलोचना की। उन्होंने कहा कि युद्ध भले ही एक वास्तविकता हो, लेकिन किसी भी स्थिति में ‘सभ्यता के अंत’ जैसी भाषा स्वीकार नहीं की जा सकती। उन्होंने परमाणु हथियारों के इस्तेमाल को भी पूरी तरह गलत ठहराया।

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