होली 2026: चंद्र ग्रहण और भद्रकाल का असर, शुभ मुहूर्त जानें

Updated on 2026-01-25T18:38:08+05:30

होली 2026: चंद्र ग्रहण और भद्रकाल का असर, शुभ मुहूर्त जानें

होली 2026: चंद्र ग्रहण और भद्रकाल का असर, शुभ मुहूर्त जानें

Lunar Eclipse and Bhadrakaal on Holi 2026: हर साल फाल्गुन पूर्णिमा पर होलिका दहन होता है, जो बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। अगले दिन होली मनाई जाती है, जो रंगों, प्रेम और खुशी का त्योहार है

इस साल होलिका दहन 3 मार्च 2026 को होगा। इसी दिन एक दुर्लभ चंद्र ग्रहण भी लगेगा, जो भारत में साफ दिखाई देगा।

ज्योतिष के अनुसार, किसी बड़े त्योहार के दिन ग्रहण लगना सामान्य नहीं माना जाता। इसका असर देश-दुनिया के साथ-साथ लोगों के जीवन पर भी पड़ सकता है। ऐसे में सवाल है कि होली पर इस ग्रहण का क्या प्रभाव होगा?

चंद्र ग्रहण का समय

यह वर्ष का पहला चंद्र ग्रहण 3 मार्च 2026 को लगेगा। यह आंशिक चंद्र ग्रहण होगा, जो शाम 6:26 बजे से 6:46 बजे तक रहेगा। कुल अवधि 20 मिनट की होगी।

सूतक काल

ज्योतिषियों के अनुसार, सूतक काल 3 मार्च को सुबह 9:39 बजे से शुरू होगा। इस दौरान यात्रा, नए काम की शुरुआत और धार्मिक कार्यों से बचने की सलाह दी जाती है।

कहां दिखाई देगा ग्रहण

यह चंद्र ग्रहण भारत के साथ-साथ यूरोप, एशिया, ऑस्ट्रेलिया और अफ्रीका में भी दिखाई देगा।

भद्रा काल

3 मार्च को भद्रा काल सुबह 1:25 से 4:30 बजे तक रहेगा।

होलिका दहन की तिथि

फाल्गुन पूर्णिमा 2 मार्च को शाम 5:55 बजे शुरू होगी और 3 मार्च को शाम 5:07 बजे समाप्त होगी। पंचांग के अनुसार, होलिका दहन 3 मार्च 2026 को होगा।

होलिका दहन का शुभ मुहूर्त

चंद्र ग्रहण शाम 6:46 बजे समाप्त होगा। इसलिए होलिका दहन का शुभ समय 3 मार्च को शाम 6:25 से रात 8:50 बजे तक रहेगा।

इन बातों का रखें ध्यान

  • ग्रहण के दौरान होलिका दहन या पूजा न करें।
  • ग्रहण काल में खाना पकाने से बचें।ग्रहण के बाद घर को गंगाजल से शुद्ध करें।
  • दान करना शुभ माना जाता है।
  • पूजा स्थल और देवी-देवताओं की मूर्तियों को साफ करें।
  • स्नान करने के बाद ही होलिका दहन और पूजा करें