नार्वे पत्रकार को भारत का करारा जवाब, बयान सुन दुनिया दंग

Updated on 2026-05-19T14:45:03+05:30

नार्वे पत्रकार को भारत का करारा जवाब, बयान सुन दुनिया दंग

नार्वे पत्रकार को भारत का करारा जवाब, बयान सुन दुनिया दंग

नॉर्वे की एक पत्रकार के सवाल पर भारत ने मानवाधिकार और लोकतंत्र को लेकर बेहद सख्त और स्पष्ट जवाब दिया है. प्रधानमंत्री Narendra Modi की नॉर्वे दौरे के दौरान हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में उठे विवाद के बाद भारत ने साफ कहा कि देश का संविधान और लोकतंत्र पूरी तरह मजबूत है और किसी बाहरी व्यक्ति को इस पर सवाल उठाने का अधिकार नहीं है.

दरअसल, नॉर्वे की एक अखबार कमेंटेटर ने पीएम मोदी और नॉर्वे के प्रधानमंत्री Jonas Gahr Støre की संयुक्त प्रेस वार्ता के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए दावा किया था कि प्रधानमंत्री मोदी ने उनके सवाल का जवाब नहीं दिया. इसके साथ ही उन्होंने वर्ल्ड प्रेस फ्रीडम इंडेक्स में भारत और नॉर्वे की रैंकिंग की तुलना कर भारत पर निशाना साधा.

इस विवाद के बाद विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने बेहद तीखे अंदाज में भारत का पक्ष रखा. उन्होंने कहा कि दुनिया को भारत की ताकत, लोकतंत्र और विशालता को समझने की जरूरत है. उन्होंने दो टूक कहा, “भारत दुनिया की आबादी का छठा हिस्सा जरूर है, लेकिन दुनिया की समस्याओं का छठा हिस्सा नहीं है.”

महिलाओं के अधिकारों पर भी भारत ने दिया बड़ा जवाब

सिबी जॉर्ज ने कहा कि भारत ने आजादी के पहले दिन से महिलाओं को बराबरी का अधिकार दिया. उन्होंने याद दिलाया कि 1947 में ही महिलाओं को वोट देने का अधिकार मिल गया था, जबकि कई विकसित देशों में महिलाओं को यह अधिकार मिलने में दशकों लग गए.

उन्होंने कहा, “हमें अपने लोकतंत्र और समानता पर गर्व है. भारत हमेशा से मानवाधिकारों और बराबरी के सिद्धांतों पर चलता आया है.”

विदेशी रिपोर्ट्स पर भी भारत का पलटवार

विदेश मंत्रालय के सचिव ने भारत के मीडिया सिस्टम का जिक्र करते हुए कहा कि कई विदेशी लोग भारत के विशाल लोकतांत्रिक ढांचे और मीडिया की ताकत को समझे बिना टिप्पणी करने लगते हैं. उन्होंने कहा कि कुछ लोग “अज्ञात और अज्ञानी NGOs” की रिपोर्ट पढ़कर भारत को जज करने लगते हैं.

उन्होंने बताया कि सिर्फ दिल्ली में ही सैकड़ों न्यूज चैनल अलग-अलग भाषाओं में रोज खुलकर बहस और रिपोर्टिंग करते हैं, जो भारत के मजबूत लोकतंत्र का सबसे बड़ा उदाहरण है.

भारत की इस सख्त प्रतिक्रिया के बाद सोशल मीडिया पर भी बहस तेज हो गई है और बड़ी संख्या में लोग सरकार के जवाब का समर्थन कर रहे हैं.

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