Kerala Mahamagham 2026: केरल में महामघ महोत्सव शुरू, 3 फरवरी तक चलेगा आयोजन

Updated on 2026-01-20T11:08:50+05:30

Kerala Mahamagham 2026: केरल में महामघ महोत्सव शुरू, 3 फरवरी तक चलेगा आयोजन

Kerala Mahamagham 2026: केरल में महामघ महोत्सव शुरू, 3 फरवरी तक चलेगा आयोजन

Kerala Mahamagham 2026: केरल में महामघ महोत्सव का आयोजन राज्य के सबसे पुराने और धार्मिक कार्यक्रमों में से एक माना जाता है। 2026 में यह महोत्सव तिरुनावया में भरतपुझा नदी के तट पर आयोजित किया गया है और 19 जनवरी से 3 फरवरी तक चलेगा। इसे दक्षिण भारत का पहला कुंभ भी कहा जा रहा है, जो प्रयाग कुंभ मेले की तर्ज पर शुरू किया गया है।

भरतपुझा नदी को अक्सर दक्षिण की गंगा कहा जाता है। लगभग 37 हजार आबादी वाले तिरुनावया कस्बे में कई प्राचीन मंदिर स्थित हैं और यहां हर 12 साल में मामांकम उत्सव भी आयोजित होता है। इस साल पहली बार दक्षिण भारत में महामघ महोत्सव आयोजित किया गया है, जो उत्तर भारत के माघ मेले के समय एक नया आकर्षण बन गया है।

महामघ महोत्सव केरल की 250 साल पुरानी सांस्कृतिक परंपरा का पुनर्जन्म है। पहले इसे महा मखन उत्सव के नाम से मनाया जाता था, लेकिन समय के साथ यह लुप्त हो गया था। जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर आनंद वमन भारती ने इसे पुनर्जीवित कर कुंभ के रूप में पेश किया है।

भरतपुझा नदी, जो तमिलनाडु से शुरू होकर केरल में बहती है और 209 किमी लंबी है, इस महोत्सव के दौरान भक्ति, आस्था और परंपरा का साक्षी बनती है। महामघ महोत्सव के जरिए श्रद्धालु इस पवित्र नदी में आस्था और धार्मिक भावना के साथ डुबकी लगाएंगे।

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