लखनऊ यूनिवर्सिटी प्रोफेसर गिरफ्तार, छात्रा को दिया पेपर लीक ऑफर

Updated on 2026-05-16T15:52:46+05:30

लखनऊ यूनिवर्सिटी प्रोफेसर गिरफ्तार, छात्रा को दिया पेपर लीक ऑफर

लखनऊ यूनिवर्सिटी प्रोफेसर गिरफ्तार, छात्रा को दिया पेपर लीक ऑफर

उत्तर प्रदेश की लखनऊ यूनिवर्सिटी एक बार फिर बड़े विवाद में घिर गई है. यूनिवर्सिटी के जूलॉजी विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर परमजीत सिंह का एक कथित ऑडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह एक छात्रा से आपत्तिजनक बातचीत करते हुए और परीक्षा का पेपर लीक कराने का ऑफर देते सुनाई दे रहे हैं. ऑडियो सामने आने के बाद पूरे कैंपस में हड़कंप मच गया है और छात्रों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है.

“एग्जाम से पहले आ जाओ, पेपर दे देंगे”

जानकारी के मुताबिक, वायरल ऑडियो में प्रोफेसर बीएससी फाइनल ईयर की एक छात्रा पर छुट्टी से जल्दी लौटने का दबाव बना रहे हैं. बातचीत के दौरान वह कथित तौर पर कहते सुनाई देते हैं कि “तुम्हारे लिए पेपर आउट करा दिया है.” इतना ही नहीं, छात्रा को केबिन में मिलने के लिए भी कहा गया. ऑडियो में अभद्र भाषा और लालच देने जैसी बातें भी सुनाई दे रही हैं, जिसने मामले को और गंभीर बना दिया है.

छात्रा ने ठुकराया ऑफर

बताया जा रहा है कि छात्रा ने प्रोफेसर की बातों को साफ तौर पर ठुकरा दिया. उसने कहा कि उसे किसी पेपर की जरूरत नहीं है क्योंकि उसकी पढ़ाई पूरी हो चुकी है. इस घटना के बाद छात्रा मानसिक रूप से काफी परेशान बताई जा रही है. बाद में उसने पूरी जानकारी यूनिवर्सिटी प्रशासन को दी, जिसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा.

पुलिस ने प्रोफेसर को हिरासत में लिया

मामला सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए प्रोफेसर परमजीत सिंह को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी. वहीं यूनिवर्सिटी प्रशासन ने भी हसनगंज थाने में शिकायत दर्ज कराई है. कैंपस में छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया और प्रॉक्टर ऑफिस का घेराव भी किया.

ABVP ने उठाई सख्त कार्रवाई की मांग

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने भी इस मामले को लेकर प्रदर्शन किया और आरोपी शिक्षक को तुरंत निलंबित करने की मांग की. छात्रों का कहना है कि ऐसी घटनाएं शिक्षा व्यवस्था की साख को नुकसान पहुंचाती हैं और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई जरूरी है.

प्रोफेसर ने आरोपों को बताया साजिश

हिरासत में लिए जाने से पहले प्रोफेसर परमजीत सिंह ने सभी आरोपों से इनकार किया. उन्होंने दावा किया कि यूनिवर्सिटी की आंतरिक राजनीति के चलते उन्हें जानबूझकर फंसाया जा रहा है. हालांकि मामले की गंभीरता को देखते हुए यूनिवर्सिटी ने एक विशेष जांच कमेटी बनाई है, जिसे 24 घंटे के भीतर रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया गया है. प्रशासन ने साफ कहा है कि संस्थान “जीरो टॉलरेंस” नीति के तहत कार्रवाई करेगा.

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