Last Updated May - 16 - 2026, 12:01 PM | Source : Fela News
चुनावी हार के बाद पहली बार TMC नेताओं की बड़ी बैठक में ममता बनर्जी ने संगठन को मजबूत करने का संदेश दिया. बैठक में अभिषेक बनर्जी भी मौजूद रहे और नेताओं को एकजुट रहने की सलाह दी.
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी पहली बार खुलकर सामने आईं. बीजेपी ने शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में ऐतिहासिक जीत दर्ज करते हुए सरकार बना ली. इसके बाद ममता बनर्जी ने शुक्रवार को कालीघाट स्थित अपने आवास पर टीएमसी नेताओं और उम्मीदवारों की अहम बैठक बुलाई. इस दौरान उन्होंने साफ संदेश दिया कि पार्टी फिर से खड़ी होगी और जो नेता जाना चाहते हैं, वो जाने के लिए स्वतंत्र हैं.
“जो जाना चाहते हैं, उन्हें जाने दीजिए”
बैठक में मौजूद नेताओं के सामने ममता बनर्जी ने कहा कि पार्टी मुश्किल दौर से गुजर रही है, लेकिन टीएमसी कभी झुकेगी नहीं. उन्होंने कहा, “जो लोग दूसरी पार्टी में जाना चाहते हैं, उन्हें जाने दीजिए. मैं पार्टी को नए सिरे से खड़ा करूंगी.”
ममता बनर्जी ने नेताओं और कार्यकर्ताओं से पार्टी कार्यालयों को दोबारा सक्रिय करने की अपील की. उन्होंने कहा कि जिन पार्टी दफ्तरों को नुकसान पहुंचा है, उन्हें फिर से तैयार किया जाए, रंगा जाए और खोला जाए. ममता ने यहां तक कहा कि जरूरत पड़ी तो वह खुद भी पार्टी कार्यालयों को रंगने पहुंचेंगी.
अभिषेक बनर्जी भी बैठक में रहे मौजूद
इस अहम बैठक में टीएमसी महासचिव अभिषेक बनर्जी भी मौजूद रहे. पार्टी सूत्रों के मुताबिक, बैठक का मकसद चुनाव हार चुके उम्मीदवारों का मनोबल बढ़ाना था. ममता बनर्जी ने नेताओं से संगठन मजबूत करने और जमीनी स्तर पर दोबारा सक्रिय होने को कहा.
तृणमूल कांग्रेस की ओर से जारी बयान में कहा गया कि ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी ने उन उम्मीदवारों से मुलाकात की जिन्होंने लगातार दबाव और चुनौतियों के बावजूद चुनाव लड़ा.
ममता की सबसे बड़ी हार
बंगाल की 294 सीटों वाली विधानसभा में टीएमसी इस बार सिर्फ 80 सीटों पर सिमट गई. यह ममता बनर्जी के राजनीतिक करियर की सबसे बड़ी हार मानी जा रही है. खुद ममता बनर्जी भी अपनी भवानीपुर सीट शुभेंदु अधिकारी से हार गईं.
इससे पहले 2021 में भी शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को नंदीग्राम सीट पर हराया था. अब दूसरी बार हार के बाद बंगाल की राजनीति पूरी तरह बदलती दिखाई दे रही है.
“जनादेश लूटा गया”
बैठक के दौरान ममता बनर्जी ने चुनाव नतीजों पर सवाल भी उठाए. उन्होंने कहा कि जनादेश को लूटा गया है, लेकिन टीएमसी हार मानने वाली पार्टी नहीं है. उन्होंने कार्यकर्ताओं से एकजुट रहने और जनता के बीच लगातार काम करने की अपील की.
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह बैठक टीएमसी के भविष्य के लिए बेहद अहम मानी जा रही है, क्योंकि हार के बाद पार्टी के भीतर टूट की आशंका भी लगातार बढ़ रही है.
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