Makar Sankranti 2026: जानें मकर संक्रांति तारीख, स्नान-दान और खिचड़ी मुहूर्त

Updated on 2025-11-19T11:20:00+05:30

Makar Sankranti 2026: जानें मकर संक्रांति तारीख, स्नान-दान और खिचड़ी मुहूर्त

Makar Sankranti 2026: जानें मकर संक्रांति तारीख, स्नान-दान और खिचड़ी मुहूर्त

मकर संक्रांति हिंदू धर्म का एक बड़ा और महत्वपूर्ण त्योहार है। यह नए साल का पहला बड़ा पर्व भी माना जाता है। देश के अलग-अलग राज्यों में इसे अलग नामों से मनाया जाता हैबिहार और यूपी में मकर संक्रांति या खिचड़ी, पंजाब-हरियाणा में लोहड़ी, तमिलनाडु में पोंगल और असम में माघ बिहू।

इस दिन लोग सूर्य देव की पूजा करते हैं। माना जाता है कि इसी दिन सूर्य धनु राशि छोड़कर मकर राशि में प्रवेश करते हैं। यह शनि देव की राशि है और कहा जाता है कि सूर्य देव इस दिन शनि से मिलने जाते हैं।

कुछ सालों में यह पर्व 14 जनवरी को होता है और कुछ सालों में 15 जनवरी को।

2026 में मकर संक्रांति कब है?

तारीख: 14 जनवरी 2026 (बुधवार)

पुण्यकाल: 02:49 दोपहर से 05:45 शाम तक

महापुण्यकाल: 02:49 से 03:42 तक

इन्हीं समयों को स्नान-दान के लिए सबसे शुभ माना जाता है।

मकर संक्रांति पर स्नान-दान का महत्व

इस दिन लोग नदी में स्नान करते हैं, सूर्य देव को जल चढ़ाते हैं और दान-पुण्य करते हैं। खासकर तिल, गुड़, कंबल, कपड़े और खिचड़ी का दान बेहद शुभ माना जाता है।

मकर संक्रांति क्यों मनाई जाती है?

  • यह फसल के मौसम की शुरुआत का प्रतीक है।
  • शीत ऋतु खत्म होने और दिनों के बड़े होने का संकेत है।
  • ज्योतिष अनुसार, इस दिन सूर्य मकर राशि में प्रवेश करता है और उत्तरायण की शुरुआत होती है।
  • कई जगह इसे पतंग महोत्सव के रूप में भी मनाया जाता है।

पौराणिक कथाएं

  • महाभारत में उल्लेख है कि पांडव भी यह पर्व मनाते थे।
  • भीष्म पितामह ने अपनी मृत्यु के लिए सूर्य के उत्तरायण होने का इंतजार किया था।
  • माना जाता है कि इसी दिन गंगा नदी भागीरथ के साथ चलकर सगर में मिली थीं।

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