विवाह मुहूर्त 2026: अप्रैल-मई में शादी के शुभ मुहूर्त जारी, सही तारीख जानें वरना मौका छूट जाएगा
विवाह मुहूर्त 2026: अप्रैल-मई में शादी के शुभ मुहूर्त जारी, सही तारीख जानें वरना मौका छूट जाएगा
Shubh muhurat for marriage in april and may 2026: हिंदू धर्म में खरमास को शुभ कार्यों के लिए अशुभ समय माना जाता है। इस दौरान शादी, सगाई, रोका जैसे मांगलिक कार्य नहीं किए जाते। साल 2026 में खरमास 14 मार्च से शुरू होकर 14 अप्रैल तक रहेगा। इस अवधि में सूर्य मीन राशि में गोचर करता है, इसलिए धार्मिक मान्यताओं के अनुसार बड़े आयोजनों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी जाती है।
खरमास खत्म होते ही एक बार फिर शादी-विवाह का सीजन शुरू हो जाता है। ऐसे में जो लोग अप्रैल और मई में शादी की योजना बना रहे हैं, उनके लिए यह समय बेहद खास होने वाला है।
शादी के लिए क्यों जरूरी है सही मुहूर्त
हिंदू परंपरा में शादी को सबसे महत्वपूर्ण संस्कारों में गिना जाता है। इसलिए सही तिथि, नक्षत्र और मुहूर्त देखकर ही विवाह का आयोजन किया जाता है। कई परिवार पहले से ही तैयारियां शुरू कर देते हैं, लेकिन कुछ लोग आखिरी समय पर भी शादी की योजना बनाते हैं। ऐसे में सही मुहूर्त की जानकारी होना जरूरी हो जाता है।
अप्रैल 2026 के शुभ विवाह मुहूर्त
खरमास खत्म होने के बाद अप्रैल में कई शुभ तिथियां उपलब्ध हैं।
- 15 अप्रैल: दोपहर 3:22 से रात 10:31 तक (उत्तरा भाद्रपद, त्रयोदशी)
- 20 अप्रैल: सुबह 5:51 से शाम 5:49 तक (रोहिणी, तृतीया-चतुर्थी)
- 21 अप्रैल: सुबह 5:50 से दोपहर 12:31 तक (मृगशिरा, पंचमी)
- 25 अप्रैल: देर रात 2:10 से सुबह 5:45 तक (माघ, दशमी)
- 27 अप्रैल: रात 9:18 से 9:36 तक (उत्तरा फाल्गुनी, द्वादशी)
- 28 अप्रैल: रात 9:04 से अगली सुबह 5:42 तक (हस्त, त्रयोदशी)
- 29 अप्रैल: सुबह 5:42 से रात 8:52 तक (हस्त, त्रयोदशी-चतुर्दशी)
मई 2026 के शुभ विवाह मुहूर्त
मई महीने में भी कई अच्छे मुहूर्त मिल रहे हैं, जिनमें शादी की जा सकती है।
- 1 मई: सुबह 10:00 से रात 9:13 तक (स्वाति, पूर्णिमा)
- 3 मई: सुबह 7:10 से रात 10:28 तक (अनुराधा, द्वितीय)
- 5 मई: शाम 7:39 से अगली सुबह 5:36 तक (मूल, चतुर्थी)
- 6 मई: सुबह 5:36 से दोपहर 3:54 तक (मूल, पंचमी)
- 7 मई: शाम 6:46 से अगली सुबह 5:35 तक (उत्तराषाढ़ा, षष्ठी)
- 8 मई: सुबह 5:35 से दोपहर 12:21 तक (उत्तराषाढ़ा, षष्ठी)
- 13 मई: रात 8:55 से अगली सुबह 5:31 तक (रेवती, द्वादशी)
- 14 मई: सुबह 5:31 से शाम 4:59 तक (रेवती, त्रयोदशी)
समय रहते करें तैयारी
खरमास के बाद शुरू होने वाले इन मुहूर्तों में शादी की तारीखें सीमित होती हैं, इसलिए समय रहते प्लानिंग करना जरूरी है। सही मुहूर्त चुनकर न सिर्फ धार्मिक मान्यताओं का पालन किया जा सकता है, बल्कि शादी को सफल और शुभ भी बनाया जा सकता है।
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