Pankaj Bhadouria Breast Cancer: मास्टरशेफ विनर पंकज भदौरिया को ब्रेस्ट कैंसर, जानें 50 के बाद क्यों बढ़ता है खतरा
Pankaj Bhadouria Breast Cancer: मास्टरशेफ विनर पंकज भदौरिया को ब्रेस्ट कैंसर, जानें 50 के बाद क्यों बढ़ता है खतरा
MasterChef Winner Pankaj Bhadouria Breast Cancer: मास्टरशेफ इंडिया सीजन 1 की विजेता और मशहूर सेलिब्रिटी शेफ पंकज भदौरिया ने हाल ही में एक भावुक सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए खुलासा किया कि उन्हें ब्रेस्ट कैंसर का पता चला है। उनकी इस जानकारी के सामने आने के बाद फैंस और शुभचिंतकों में चिंता बढ़ गई है। पंकज ने अपनी सेहत के लिए दुआ और समर्थन की अपील भी की है।
ब्रेस्ट कैंसर दुनिया भर में महिलाओं में होने वाले सबसे आम कैंसरों में शामिल है। हर साल लाखों महिलाएं इसकी चपेट में आती हैं। हालांकि यह बीमारी किसी भी उम्र में हो सकती है, लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार 50 साल की उम्र के बाद इसका खतरा काफी बढ़ जाता है। ऐसे में यह समझना जरूरी है कि ब्रेस्ट कैंसर क्या है, इसके जोखिम क्यों बढ़ते हैं और शुरुआती संकेत कौन से हैं।
क्या है ब्रेस्ट कैंसर?
ब्रेस्ट कैंसर तब होता है जब स्तन की कुछ कोशिकाएं असामान्य रूप से बढ़ने लगती हैं और धीरे-धीरे गांठ या ट्यूमर का रूप ले लेती हैं। यदि समय पर इलाज न मिले तो ये कैंसर कोशिकाएं शरीर के अन्य हिस्सों में भी फैल सकती हैं। यही वजह है कि डॉक्टर शुरुआती जांच और समय पर इलाज को बेहद महत्वपूर्ण मानते हैं।
50 की उम्र के बाद क्यों बढ़ जाता है खतरा?
मेनोपॉज के बाद हार्मोनल बदलाव
50 वर्ष के आसपास अधिकांश महिलाओं में मेनोपॉज शुरू हो जाता है। इस दौरान शरीर में हार्मोन का संतुलन बदलता है, जिससे ब्रेस्ट टिश्यू प्रभावित हो सकते हैं और कैंसर का जोखिम बढ़ सकता है।
उम्र के साथ कमजोर होती मरम्मत क्षमता
बढ़ती उम्र में शरीर की कोशिकाओं के डीएनए में छोटी-छोटी गड़बड़ियां जमा होने लगती हैं। पहले शरीर इन्हें ठीक कर लेता है, लेकिन उम्र बढ़ने के साथ यह क्षमता कम होने लगती है, जिससे कैंसर का खतरा बढ़ जाता है।
बढ़ता वजन और मोटापा
मेनोपॉज के बाद कई महिलाओं का वजन तेजी से बढ़ता है। अतिरिक्त चर्बी शरीर में एस्ट्रोजन हार्मोन का स्तर बढ़ा सकती है, जो ब्रेस्ट कैंसर के जोखिम से जुड़ा माना जाता है।
शारीरिक गतिविधियों में कमी
कम एक्सरसाइज, असंतुलित खानपान और निष्क्रिय जीवनशैली भी कैंसर के खतरे को बढ़ाने वाले प्रमुख कारणों में शामिल हैं।
किन महिलाओं को ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत?
- परिवार में ब्रेस्ट कैंसर का इतिहास होना
- मोटापा या बढ़ा हुआ वजन
- शारीरिक गतिविधियों की कमी
- देर से मेनोपॉज होना
- धूम्रपान और शराब का सेवन
- अस्वस्थ खानपान और लाइफस्टाइल
विशेषज्ञों का कहना है कि इन जोखिम कारकों वाली महिलाओं को नियमित स्वास्थ्य जांच जरूर करानी चाहिए।
ब्रेस्ट कैंसर के शुरुआती लक्षण
ब्रेस्ट कैंसर की शुरुआती अवस्था में अक्सर दर्द नहीं होता, इसलिए कई महिलाएं इसके संकेतों को नजरअंदाज कर देती हैं।
इन लक्षणों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें:
- स्तन या बगल में गांठ महसूस होना
- स्तन के आकार या आकृति में बदलाव
- त्वचा पर सिकुड़न या असामान्य बदलाव
- निप्पल का अंदर की ओर मुड़ना
- निप्पल से असामान्य स्राव होना
- समय पर पहचान ही सबसे बड़ा बचाव
डॉक्टरों के अनुसार ब्रेस्ट कैंसर का जितनी जल्दी पता चलता है, उसके सफल इलाज की संभावना उतनी ही अधिक होती है। शुरुआती चरण में बीमारी केवल स्तन तक सीमित रहती है और सर्जरी, दवाओं व अन्य उपचारों की मदद से इसे प्रभावी ढंग से नियंत्रित किया जा सकता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ महिलाओं को 40 वर्ष की उम्र के बाद नियमित जांच और किसी भी असामान्य बदलाव पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लेने की सलाह देते हैं।
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