Parshuram Jayanti 2026: परशुराम अवतार का रहस्य! आखिर क्यों क्रोधित हुए भगवान विष्णु?
Parshuram Jayanti 2026: परशुराम अवतार का रहस्य! आखिर क्यों क्रोधित हुए भगवान विष्णु?
Parshuram Avatar Ki Katha: हर साल वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को अक्षय तृतीया का पर्व मनाया जाता है। इसी दिन भगवान परशुराम की जयंती भी मनाई जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, परशुराम जी भगवान विष्णु के छठे अवतार हैं और उनका जन्म इसी पावन तिथि पर हुआ था। इस साल 19 अप्रैल को परशुराम जयंती मनाई जाएगी।
परशुराम जी द्वारा क्षत्रियों के संहार की कथा काफी प्रसिद्ध है, लेकिन इसके पीछे का कारण कम लोग जानते हैं। पौराणिक कथाओं के अनुसार, उनका अवतार धर्म की रक्षा और अधर्म के अंत के लिए हुआ था।
क्या है पौराणिक कथा?
कहा जाता है कि प्राचीन समय में महिष्मती नगर में सहस्त्रबाहु नाम का एक राजा राज करता था। वह बेहद क्रूर और अत्याचारी था। उसकी नीतियों से प्रजा परेशान थी और हर तरफ भय का माहौल था।
जब अत्याचार बढ़ गए, तो माता पृथ्वी ने भगवान विष्णु से सहायता की प्रार्थना की। तब श्रीहरि विष्णु ने उन्हें आश्वासन दिया कि जल्द ही अधर्म का अंत होगा। उन्होंने कहा कि जब-जब धर्म पर संकट आता है, तब वे अवतार लेकर उसकी रक्षा करते हैं।
परशुराम रूप में लिया जन्म
भगवान विष्णु ने महर्षि जमदग्नि के घर पुत्र के रूप में जन्म लेने का निर्णय लिया। इसके बाद वैशाख शुक्ल तृतीया के दिन उन्होंने परशुराम के रूप में अवतार लिया।
बड़े होने पर परशुराम जी ने अत्याचारी राजा सहस्त्रबाहु का वध किया और लोगों को उसके आतंक से मुक्त कराया। इस तरह उन्होंने धर्म की स्थापना की और अन्याय के खिलाफ खड़े होने का संदेश दिया।
धार्मिक ग्रंथों, खासकर विष्णु पुराण में परशुराम अवतार का विस्तार से वर्णन मिलता है। यह अवतार इस बात का प्रतीक है कि जब भी अधर्म बढ़ता है, तब उसे समाप्त करने के लिए ईश्वर स्वयं हस्तक्षेप करते हैं।
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