Provident Fund: EPFO की बैठक खत्म, PF ब्याज और नए फैसलों पर अपडेट

Updated on 2026-03-06T10:35:32+05:30

Provident Fund: EPFO की बैठक खत्म, PF ब्याज और नए फैसलों पर अपडेट

Provident Fund: EPFO की बैठक खत्म, PF ब्याज और नए फैसलों पर अपडेट

PF Interest Rate: अगर आपकी सैलरी से हर महीने PF (प्रोविडेंट फंड) कटता है, तो यह आपके लिए जरूरी खबर है। केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया की अध्यक्षता में हुई EPFO की बैठक में वित्त वर्ष 2025-26 के लिए PF पर ब्याज दर 8.25 प्रतिशत रखने का फैसला किया गया है।

यह लगातार तीसरा साल है जब ब्याज दर में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इससे पहले 2023-24 और 2024-25 में भी यही दर लागू थी। बैठक में EPFO के सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज़ (CBT) ने भी 2025-26 के लिए 8.25 प्रतिशत ब्याज दर की ही सिफारिश की है। ग्लोबल मार्केट में उतार-चढ़ाव के बावजूद यह दर FD और PPF जैसी दूसरी सेविंग स्कीम के मुकाबले बेहतर मानी जा रही है।

अब इस प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी के लिए वित्त मंत्रालय के पास भेजा जाएगा। मंत्रालय की मंजूरी मिलने के बाद लेबर मिनिस्ट्री की ओर से नोटिफिकेशन जारी होगा और फिर तय ब्याज दर कर्मचारियों के PF अकाउंट में क्रेडिट की जाएगी।

बैठक में छोटे और लंबे समय से बंद पड़े अकाउंट्स को लेकर भी बड़ा फैसला लिया गया है। जिन इनऑपरेटिव अकाउंट्स में 1000 रुपये या उससे कम बैलेंस है, उनका क्लेम सेटलमेंट अब ऑटोमैटिक तरीके से किया जाएगा। इससे लोगों को छोटी रकम के लिए बार-बार दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। इस फैसले से करीब 1.33 लाख अकाउंट होल्डर्स को फायदा होगा और लगभग 5.68 करोड़ रुपये उनके खातों तक पहुंचेंगे।

इसके साथ ही EPFO ने एक नया और आसान स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) भी जारी किया है। इसे डिजिटल, ट्रांसपेरेंट और पेपरलेस बनाया जा रहा है, जिससे प्रक्रिया तेज होगी और भ्रष्टाचार की संभावना भी कम होगी। इससे कंपनियों के लिए नियमों का पालन करना पहले से ज्यादा आसान हो जाएगा।

EPFO ने एक एमनेस्टी स्कीम भी शुरू की है। इसका उद्देश्य कंपनियों और करदाताओं के पुराने विवाद खत्म करना और उन्हें जुर्माना माफ कराने का मौका देना है। इससे वे बिना भारी पेनल्टी के अपने मामलों को सुलझा सकेंगे और कर्मचारियों के पैसे की सुरक्षा सुनिश्चित कर पाएंगे।

इसके अलावा बोर्ड ने EPF, EPS और EDLI स्कीम के नए फॉर्मेट को भी मंजूरी दी है। इन्हें अब सोशल सिक्योरिटी कोड 2020 के अनुसार तैयार किया गया है, जिससे पेंशन और इंश्योरेंस से जुड़े नियम ज्यादा आसान और पारदर्शी हो जाएंगे।

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