'370 रुपये बिरयानी' विवाद बढ़ा, महिला आयोग ने भेजा समन

Updated on 2026-06-12T13:05:01+05:30

'370 रुपये बिरयानी' विवाद बढ़ा, महिला आयोग ने भेजा समन

'370 रुपये बिरयानी' विवाद बढ़ा, महिला आयोग ने भेजा समन

370 Rupees Biryani Controversy:गुरुग्राम के चर्चित ‘370 रुपये बिरयानी’ विवाद ने अब कानूनी मोड़ ले लिया है। राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) ने मामले को गंभीरता से लेते हुए हरियाणा के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। आयोग ने कॉमेडियन प्रणित मोरे और विवादित टिप्पणी करने वाले हिमांशु जांगड़ा को 22 जून को व्यक्तिगत रूप से पेश होने के लिए तलब किया है।

वायरल वीडियो के बाद बढ़ा विवाद

पूरा विवाद उस वायरल स्टैंड-अप कॉमेडी क्लिप से शुरू हुआ, जिसमें कॉमेडियन प्रणित मोरे के शो के दौरान एक युवक ने अपनी डेट का अनुभव साझा किया था। बातचीत के दौरान उसने दावा किया कि उसने अपनी डेट पर 370 रुपये की बिरयानी खिलाई थी और बदले में कुछ “उम्मीद” रखी थी। वीडियो में की गई कुछ टिप्पणियों को सोशल मीडिया यूजर्स ने महिलाओं के प्रति आपत्तिजनक और असंवेदनशील बताया, जिसके बाद मामला तेजी से सुर्खियों में आ गया।

प्रणित मोरे भी आए निशाने पर

विवाद सिर्फ युवक की टिप्पणी तक सीमित नहीं रहा। सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में लोगों ने आरोप लगाया कि कॉमेडियन प्रणित मोरे ने शो के दौरान इन टिप्पणियों का विरोध करने के बजाय उन्हें बढ़ावा दिया और उन पर हंसते रहे। इतना ही नहीं, शो की क्लिप उनके सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी साझा की गई, जिससे विवाद और भड़क गया।

लगातार बढ़ते विरोध और आलोचना के बीच प्रणित मोरे को सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी पड़ी। इसके बाद उन्होंने अपना इंस्टाग्राम अकाउंट भी बंद कर दिया। सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ बहिष्कार और कार्रवाई की मांग तेज हो गई।

क्या है ‘370 रुपये बिरयानी’ मामला?

वायरल वीडियो में 22 वर्षीय हिमांशु जांगड़ा ने एक डेट का जिक्र करते हुए कहा था कि उसने लड़की पर करीब 370 रुपये खर्च किए थे। बातचीत के दौरान उसने यह भी कहा कि जब लड़की ने उसे घर छोड़ने के लिए कहा, तो उसे लगा कि खर्च किए गए पैसों के बदले उसे कुछ मिलना चाहिए। उसकी “वसूल तो करूंगा” जैसी टिप्पणी को लेकर सोशल मीडिया पर भारी नाराजगी देखने को मिली।

महिला आयोग ने लिया संज्ञान

मामले के तूल पकड़ने के बाद राष्ट्रीय महिला आयोग ने स्वतः संज्ञान लेते हुए दोनों पक्षों को नोटिस जारी किया है। आयोग ने कहा कि वायरल वीडियो में सामने आए बयान महिलाओं की गरिमा और सहमति जैसे गंभीर मुद्दों से जुड़े हैं, इसलिए मामले की जांच जरूरी है।

अब सभी की नजर 22 जून पर टिकी है, जब प्रणित मोरे और हिमांशु जांगड़ा महिला आयोग के सामने पेश होकर अपना पक्ष रखेंगे। मामला सोशल मीडिया विवाद से निकलकर अब आधिकारिक जांच और कानूनी प्रक्रिया तक पहुंच चुका है।

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