Sawan Last Somwar Vrat: सावन के सभी सोमवारों में आखिरी सोमवार को ही सबसे खास और शुभ क्यों माना जाता है?

Updated on 2025-07-30T10:57:33+05:30

Sawan Last Somwar Vrat: सावन के सभी सोमवारों में आखिरी सोमवार को ही सबसे खास और शुभ क्यों माना जाता है?

Sawan Last Somwar Vrat: सावन के सभी सोमवारों में आखिरी सोमवार को ही सबसे खास और शुभ क्यों माना जाता है?

हिंदू धर्म में सावन या श्रावण महीना बहुत ही पवित्र माना जाता है। इस महीने का हर दिन खास होता है, लेकिन सोमवार का दिन सबसे शुभ और फलदायी माना जाता है। सावन के सोमवार को लोग शिवजी की पूजा करते हैं, व्रत रखते हैं और जलाभिषेक करते हैं।

इस साल सावन की शुरुआत 11 जुलाई 2025 से हुई थी और इसका समापन 9 अगस्त को होगा। इस बार कुल चार सोमवार पड़ रहे हैं, जिनमें आखिरी सोमवार 4 अगस्त को है। इसे सबसे ज्यादा शुभ और फलदायी माना जाता है।

आखिरी सावन सोमवार क्यों खास है?

अंतिम सावन सोमवार को खास इसलिए माना जाता है क्योंकि इस दिन कई शुभ योग बन रहे हैं। ज्योतिषाचार्य अनीष व्यास के मुताबिक, 4 अगस्त को सर्वार्थ सिद्धि योग, ब्रह्म योग और इंद्र योग बनेंगे। साथ ही चंद्रमा अनुराधा और चित्रा नक्षत्र में रहकर वृश्चिक राशि में गोचर करेगा। इन शुभ योगों में की गई पूजा और व्रत का फल जल्दी और संपूर्ण रूप से मिलता है।

आध्यात्मिक मान्यता क्या कहती है?

मान्यता है कि पूरे सावन महीने में जो भक्त श्रद्धा से व्रत और पूजा करते हैं, उन्हें उसका पूरा फल आखिरी सोमवार को ही मिलता है। यही कारण है कि इस दिन रुद्राभिषेक, शिव पुराण पाठ, जलाभिषेक और रात्रि जागरण का विशेष महत्व होता है।

FAQs 

Q. आखिरी सावन सोमवार का व्रत क्यों रखना चाहिए?

A. इस दिन व्रत रखने से शिवजी की कृपा मिलती है और मनोकामनाएं पूरी होती हैं।

Q. इस दिन क्या करना चाहिए?

A. व्रत रखें, शिवलिंग पर जल चढ़ाएं, रुद्राभिषेक करें और शिव का नाम लेते हुए रात्रि जागरण करें।

Q. शिवलिंग पर क्या चढ़ाएं?

A. जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा, शहद, पंचामृत, सफेद फूल और गंगाजल अर्पित करना शुभ माना जाता है।