Shardiya Navratri 2025: नवरात्रि घट स्थापना में सावधानी, छोटी गलती बिगाड़े श्रद्धा

Updated on 2025-09-18T10:38:53+05:30

Shardiya Navratri 2025: नवरात्रि घट स्थापना में सावधानी, छोटी गलती बिगाड़े श्रद्धा

Shardiya Navratri 2025: नवरात्रि घट स्थापना में सावधानी, छोटी गलती बिगाड़े श्रद्धा

Shardiya Navratri 2025:हिंदू धर्म में नवरात्रि का खास महत्व है। इन 9 दिनों में भक्त देवी दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा करते हैं और व्रत रखते हैं। नवरात्रि के पहले दिन घट स्थापना होती है, जिसे मिट्टी के कलश से करना शुभ और पवित्र माना गया है।

शास्त्रों में कहा गया है कि अगर घट स्थापना न की जाए, या मिट्टी की जगह किसी अन्य धातु के कलश का इस्तेमाल किया जाए, तो व्रत का पूरा फल नहीं मिलता। इसलिए परंपरा के अनुसार मिट्टी के कलश में शुद्ध जल भरकर, उस पर आम के पत्ते और ऊपर नारियल रखकर स्थापना की जाती है।

पहले दिन की परंपरा

नवरात्रि के पहले दिन पंचांग के अनुसार शुभ मुहूर्त में कलश स्थापना की जाती है। पहले हमेशा मिट्टी के कलश का ही उपयोग होता था, लेकिन समय के साथ लोग स्टील या अन्य धातु के कलश रखने लगे हैं।

मिट्टी के कलश का महत्व

माना जाता है कि मिट्टी का कलश रखने से मां दुर्गा प्रसन्न होती हैं और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देती हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह पांच तत्वों—जल, अग्नि, वायु, पृथ्वी और आकाश—का प्रतीक है। कलश में पानी भरना, आम के पत्ते और नारियल रखना इन्हीं पांच तत्वों से सृष्टि के निर्माण का प्रतीक माना गया है।

अगर मिट्टी की जगह किसी और धातु का कलश रखा जाए, तो नवरात्रि का पूरा फल नहीं मिलता।