Stock Market Updates: खुलते ही बाजार में हाहाकार, सेंसेक्स 1000+ अंक टूटा, निफ्टी भी धड़ाम

Updated on 2026-03-30T11:05:30+05:30

Stock Market Updates: खुलते ही बाजार में हाहाकार, सेंसेक्स 1000+ अंक टूटा, निफ्टी भी धड़ाम

Stock Market Updates: खुलते ही बाजार में हाहाकार, सेंसेक्स 1000+ अंक टूटा, निफ्टी भी धड़ाम

Stock Market Updates:ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच जारी युद्ध का असर भारतीय शेयर बाजार पर साफ दिखाई दे रहा है। सोमवार को बाजार की शुरुआत भारी गिरावट के साथ हुई। बीएसई सेंसेक्स 1018 अंक टूटकर 72,565 के स्तर पर खुला, जबकि निफ्टी 269 अंक गिरकर 22,549 पर कारोबार की शुरुआत करता दिखा।

गिरावट के मुख्य कारण

मिडिल ईस्ट में जारी तनाव अब पांचवें हफ्ते में पहुंच चुका है, जिससे वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ गई है। कच्चे तेल की कीमतें 115 से 120 डॉलर प्रति बैरल के बीच पहुंच गई हैं, जो भारत जैसे आयात पर निर्भर देश के लिए चिंता का कारण है।

इसके अलावा विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली भी बाजार पर दबाव बना रही है। मार्च महीने में ही विदेशी निवेशकों ने करीब 1.13 लाख करोड़ रुपये के शेयर बेच दिए हैं। वहीं, रुपया भी डॉलर के मुकाबले कमजोर होकर 94.82 के स्तर पर पहुंच गया है, जिससे निवेशकों का भरोसा प्रभावित हुआ है।

एशियाई बाजारों में भी गिरावट

एशियाई बाजारों में भी सोमवार को भारी गिरावट देखने को मिली। जापान का निक्केई 225 करीब 3.97% गिरा, जबकि टॉपिक्स इंडेक्स में भी लगभग 3.9% की गिरावट दर्ज की गई। दक्षिण कोरिया का कोस्पी 5% से ज्यादा टूटा और कोस्डैक में भी करीब 3.97% की गिरावट आई।

हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स भी दबाव में रहा और फ्यूचर्स पिछले बंद स्तर से नीचे कारोबार करता नजर आया।

अमेरिकी बाजारों का हाल

अमेरिकी शेयर बाजार में भी कमजोरी देखने को मिली। डाऊ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 793 अंक गिरकर 45,166 पर बंद हुआ। S&P 500 में 1.67% की गिरावट आई और यह सात महीने के निचले स्तर पर पहुंच गया। वहीं, नैस्डेक कम्पोजिट भी 2.15% टूटकर बंद हुआ।

कच्चे तेल में उछाल

कच्चे तेल की कीमतों में तेजी लगातार बनी हुई है। ब्रेंट क्रूड लगभग 115.55 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है, जो पिछले दिनों के मुकाबले काफी अधिक है। फरवरी के अंत से अब तक इसमें करीब 59% की बढ़ोतरी हो चुकी है।

कुल मिलाकर, वैश्विक तनाव, महंगे होते कच्चे तेल और विदेशी निवेशकों की बिकवाली ने भारतीय शेयर बाजार पर दबाव बढ़ा दिया है। आने वाले दिनों में बाजार की दिशा काफी हद तक अंतरराष्ट्रीय हालात पर निर्भर रहेगी।

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