Last Updated Mar - 30 - 2026, 10:59 AM | Source : Fela News
RBI Digital Payments Rule from 1st April: 1 अप्रैल 2026 से डिजिटल पेमेंट्स पर RBI के नए नियम लागू होंगे। इनका उद्देश्य ऑनलाइन धोखाधड़ी पर रोक लगाना और डिजिटल लेनदेन को ज्यादा सुरक्षित बनाना है।
RBI Digital Payments Rule from 1st April:1 अप्रैल 2026 से डिजिटल पेमेंट्स को लेकर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) नए नियम लागू करने जा रहा है। इसके तहत ‘प्रिंसिपल बेस्ड फ्रेमवर्क’ लागू होगा, जिसका उद्देश्य ऑनलाइन फ्रॉड जैसे फिशिंग और सिम-स्वैप को रोकना और लेनदेन को ज्यादा सुरक्षित बनाना है।
क्या होंगे बड़े बदलाव
नए नियमों के अनुसार अब सभी डिजिटल ट्रांजैक्शन, जैसे UPI, कार्ड और वॉलेट पेमेंट के लिए टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन अनिवार्य होगा। यानी केवल SMS पर मिलने वाला OTP अब पर्याप्त नहीं होगा।
लेनदेन के दौरान एक अतिरिक्त सुरक्षा स्तर जरूरी होगा, जिसमें कम से कम एक ऑथेंटिकेशन फैक्टर डायनेमिक होगा, यानी हर ट्रांजैक्शन के लिए अलग बनाया जाएगा।
बैंक और पेमेंट कंपनियां वेरिफिकेशन के लिए कई विकल्प दे सकती हैं, जैसे फिंगरप्रिंट, PIN, पासवर्ड या बैंकिंग ऐप टोकन। इसके अलावा अगर किसी सुरक्षा चूक के कारण ग्राहक को नुकसान होता है, तो उसकी जिम्मेदारी बैंक या संबंधित संस्था की होगी।
ग्राहकों को क्या फायदा होगा
इन नए नियमों से डिजिटल पेमेंट पहले के मुकाबले ज्यादा सुरक्षित हो जाएगा। अगर किसी के पास आपका OTP पहुंच भी जाता है, तब भी वह बिना दूसरे ऑथेंटिकेशन के पेमेंट नहीं कर पाएगा।
अब किसी भी बड़े ट्रांजैक्शन के दौरान सिस्टम खुद अतिरिक्त वेरिफिकेशन मांगेगा, जिससे धोखाधड़ी की संभावना कम होगी। साथ ही सिम-स्वैप फ्रॉड पर भी रोक लगेगी, क्योंकि सिर्फ सिम होने से ट्रांजैक्शन पूरा नहीं किया जा सकेगा।
कुल मिलाकर, RBI के ये नए नियम डिजिटल पेमेंट सिस्टम को ज्यादा सुरक्षित और भरोसेमंद बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माने जा रहे हैं।
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