सूखती तुलसी को बचाएगा एप्सम सॉल्ट का ये तरीका

Updated on 2026-02-26T14:53:12+05:30

सूखती तुलसी को बचाएगा एप्सम सॉल्ट का ये तरीका

सूखती तुलसी को बचाएगा एप्सम सॉल्ट का ये तरीका

घर के आंगन या बालकनी में लगी तुलसी का पौधा केवल हरियाली ही नहीं, बल्कि आस्था और सकारात्मकता का प्रतीक भी माना जाता है। ऐसे में जब तुलसी मुरझाने लगती है या पत्तियां पीली होकर गिरने लगती हैं, तो लोग चिंतित हो जाते हैं। कई बार सही जानकारी के अभाव में पौधे को उखाड़कर हटा दिया जाता है।लेकिन बागवानी विशेषज्ञों के अनुसार, थोड़ी सी समझदारी और सही पोषण से सूखी तुलसी को फिर से हरा-भरा बनाया जा सकता है।

हाल के दिनों में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'यूनिक फार्मिंग' पर एक आसान तरीका साझा किया गया, जिसमें बताया गया कि तुलसी के सूखने पर साधारण खाने वाला नमक नहीं, बल्कि एप्सम सॉल्ट का उपयोग करना चाहिए। एप्सम सॉल्ट का वैज्ञानिक नाम मैग्नीशियम सल्फेट है। यह पौधों के लिए एक महत्वपूर्ण पोषक तत्व का स्रोत है।

मैग्नीशियम क्लोरोफिल के निर्माण में मदद करता है, जो पत्तियों को हरा रंग देता है। जब मिट्टी में मैग्नीशियम की कमी होती है, तो पत्तियां पीली पड़ने लगती हैं और पौधे की वृद्धि रुक जाती है। एप्सम सॉल्ट इस कमी को पूरा कर सकता है। वहीं इसमें मौजूद सल्फेट तत्व पौधे को अन्य जरूरी पोषक तत्वों को बेहतर तरीके से अवशोषित करने में सहायता करता है।

ध्यान रखने वाली बात यह है कि साधारण खाने वाला नमक (सोडियम क्लोराइड) तुलसी के लिए हानिकारक होता है। यह मिट्टी की संरचना बिगाड़ सकता है और जड़ों को नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए केवल 'गार्डन रोड एप्सम सॉल्ट' का ही इस्तेमाल करना चाहिए।

इसे इस्तेमाल करने का तरीका भी बेहद आसान है। एक लीटर साफ पानी में लगभग एक छोटा चम्मच एप्सम सॉल्ट मिलाएं। पानी को तब तक हिलाएं जब तक नमक पूरी तरह घुल न जाए। इस घोल को तुलसी के गमले की मि‌ट्टी में डालें।

कोशिश करें कि मिट्टी हल्की नम हो, बहुत ज्यादा सूखी न हो। चाहे तो इसी घोल को स्प्रे बोतल में भरकर पतियों पर हल्का छिड़काव भी कर सकते हैं।

विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि घोल डालने से पहले मिट्टी को हल्का-सा खुरचकर ढीला कर लें। इससे मिट्टी में हवा और ऑक्सीजन का संचार बढ़ता है और पोषक तत्व जड़ों तक आसानी से पहुंचते हैं हालांकि, केवल एप्सम सॉल्ट डालना ही समाधान नहीं है। यह भी देखना जरूरी है कि तुलसी सूख क्यों रही है। अधिक पानी, कम धूप, फंगल संक्रमण या ज्यादा मंजरी लगना भी कारण हो सकते हैं।

मंजरी को समय-समय पर हटाना चाहिए, क्योंकि वे पौधे की ऊर्जा खींच लेती हैं। साथ ही मिट्टी में नीम खली या हल्दी पाउडर मिलाने से फंगल समस्याओं से बचाव हो सकता है। सही देखभाल, संतुलित पानी और थोड़े से पोषण के साथ आपकी तुलसी फिर से घनी और हरी-अरी हो सकती है। बस जरूरत है सही जानकारी और धैर्य की।

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