Tripura Bhairavi Jayanti 2025: ऐसे पाएं दुश्मन पर जीत से करें मां भैरवी की पूजा!

Updated on 2025-11-27T14:41:18+05:30

Tripura Bhairavi Jayanti 2025: ऐसे पाएं दुश्मन पर जीत से करें मां भैरवी की पूजा!

Tripura Bhairavi Jayanti 2025: ऐसे पाएं दुश्मन पर जीत से करें मां भैरवी की पूजा!

Tripura Bhairavi Jayanti 2025: हर साल मार्गशीर्ष महीने की पूर्णिमा पर त्रिपुर भैरवी जयंती मनाई जाती है। मां दुर्गा की दस महाविद्याओं में मां त्रिपुर भैरवी पांचवीं महाविद्या हैं। उनकी पूजा करने से दुश्मनों पर जीत, करियर में तरक्की और जीवन की कई परेशानियां दूर होती हैं।

त्रिपुर भैरवी जयंती 2025 कब है?

हिंदू पंचांग के मुताबिक, इस बार मार्गशीर्ष पूर्णिमा तिथि 4 दिसंबर 2025 सुबह 8:37 बजे शुरू होकर 5 दिसंबर सुबह 4:43 बजे खत्म होगी।

इस आधार पर त्रिपुर भैरवी जयंती 4 दिसंबर 2025, गुरुवार को मनाई जाएगी।

जयंती के शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 5:10 बजे से 6:04 बजे तक (स्नान के लिए शुभ)

अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11:50 बजे से 12:32 बजे तक

निशित काल पूजा: रात 11:45 बजे से 12:39 बजे तक (तंत्र–साधना के लिए सर्वोत्तम)

इस दिन बनेंगे 3 शुभ योग

रवि योग: सुबह 6:59 बजे से दोपहर 2:45 बजे तक

शिव योग: सुबह से 12:34 बजे तक

सिद्ध योग: 12:34 बजे के बाद शुरू

इस दिन पहले कृत्तिका नक्षत्र रहेगा, फिर 2:45 बजे के बाद रोहिणी नक्षत्र लगेगा।

त्रिपुर भैरवी की पौराणिक कथा 

एक बार माता काली ने मन में शुभ रूप धारण करने की इच्छा की और कैलाश से दूर चली गईं।

जब शिवजी ने यह देखा, तो उन्होंने नारद मुनि से पूछा। नारद जी ने बताया कि माता काली सुमेरु पर्वत की उत्तर दिशा में हैं।

शिवजी के कहने पर नारद मुनि वहां गए और माता काली के सामने विवाह का प्रस्ताव रख दिया। इस पर माता नाराज हो गईं और उनके शरीर से मां भैरवी का उग्र रूप प्रकट हुआ।

तंत्र शास्त्र में मां त्रिपुर भैरवी को काली का सबसे शक्तिशाली रूप माना गया है।