ईरानी हमलों के बाद UAE का बड़ा फैसला, एयरस्पेस बंद, विमानों की एंट्री पर रोक
ईरानी हमलों के बाद UAE का बड़ा फैसला, एयरस्पेस बंद, विमानों की एंट्री पर रोक
ईरान के मिसाइल और ड्रोन हमलों के बीच संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने एहतियात के तौर पर कुछ समय के लिए अपना एयरस्पेस बंद कर दिया था। बाद में हालात की समीक्षा के बाद इसे दोबारा खोल दिया गया। UAE के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, देश की एयर डिफेंस सिस्टम ने सैकड़ों बैलिस्टिक मिसाइलों और बड़ी संख्या में ड्रोन को रोकने में सफलता हासिल की है। जनरल सिविल एविएशन अथॉरिटी (GCAA) ने भी पुष्टि की कि सुरक्षा स्थिति सामान्य होने पर एयरस्पेस फिर से खोल दिया गया।
कैसे बंद किया जाता है एयरस्पेस?
किसी भी देश द्वारा एयरस्पेस बंद करने का फैसला आमतौर पर युद्ध, सुरक्षा खतरे, सैन्य अभ्यास या प्राकृतिक आपदा जैसी स्थितियों में लिया जाता है। इसके लिए सिविल एविएशन अथॉरिटी के जरिए NOTAM (नोटिस टू एयर मिशन) जारी किया जाता है, जिसमें कारण और अवधि की जानकारी दी जाती है। इसके बाद विमानों के रूट बदल दिए जाते हैं।
पायलटों को कैसे मिलती है जानकारी?
एयरस्पेस बंद होने की सूचना दुनियाभर के पायलटों और एयरलाइंस को NOTAM के जरिए दी जाती है। इसमें यह बताया जाता है कि कौन सा इलाका, कितनी ऊंचाई तक और कितने समय के लिए बंद रहेगा।
एयरस्पेस बंद होने पर क्या होता है?
एयरस्पेस बंद होने पर एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) विमानों को नए रूट देता है। कई फ्लाइट्स को डायवर्ट किया जाता है, जिससे यात्रा लंबी हो जाती है। इसका असर किराए पर भी पड़ता है और कुछ फ्लाइट्स रद्द भी करनी पड़ती हैं।
नियम तोड़ने पर क्या कार्रवाई होती है?
अगर कोई विमान बंद एयरस्पेस में घुसने की कोशिश करता है, तो पहले ATC उसे चेतावनी देता है। आदेश न मानने पर एयरफोर्स के फाइटर जेट भेजे जा सकते हैं, जो विमान को लैंड करने के लिए मजबूर करते हैं। गंभीर स्थिति में उसे खतरा मानकर सख्त कार्रवाई भी की जा सकती है।
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