WhatsApp चलाना पड़ेगा महंगा, सब्सक्रिप्शन लेने की तैयारी में Meta

Updated on 2026-01-27T12:24:56+05:30

WhatsApp चलाना पड़ेगा महंगा, सब्सक्रिप्शन लेने की तैयारी में Meta

WhatsApp चलाना पड़ेगा महंगा, सब्सक्रिप्शन लेने की तैयारी में Meta

WhatsApp यूजर्स के लिए एक बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। अब तक पूरी तरह मुफ्त रहने वाला यह लोकप्रिय मैसेजिंग ऐप आने वाले समय में फ्री नहीं रह सकता। हालिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, WhatsApp एक नए सब्सक्रिप्शन मॉडल पर काम कर रहा है, जिसके तहत यूजर्स को ऐड-फ्री अनुभव पाने के लिए पैसे चुकाने पड़ सकते हैं। दरअसल, WhatsApp के एंड्रॉयड वर्जन 2.26.3.9 के कोड में कुछ नई स्ट्रिंग्स देखी गई हैं, जो पेड सब्सक्रिप्शन की ओर साफ इशारा करती हैं। इन स्ट्रिंग्स से यह संकेत मिलता है कि कंपनी ऐसे प्लान्स पर काम कर रही है, जिनके जरिए यूजर्स स्टेटस और चैनल्स सेक्शन में दिखने वाले विज्ञापनों को हटवा सकेंगे। हालांकि, अभी तक WhatsApp या मेटा की ओर से इस बारे में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। 

साल मेटा ने WhatsApp के Status और Channels सेक्शन में विज्ञापनों की टेस्टिंग शुरू की थी। उस समय बड़ी में यूजर्स ने इस फैसले का विरोध किया था और WhatsApp को एक "नो-एड प्लेटफॉर्म " बनाए रखने की मांग की थी। बावजूद इसके, कंपनी अपने इस प्लान से पीछे हटती नजर नहीं आ रही है। 

पैसे देने पर क्या मिलेगा? 

रिपोर्ट्स के मुताबिक, जो यूजर्स WhatsApp का सब्सक्रिप्शन लेंगे, उन्हें पूरी तरह Ad - Free Experience मिलेगा। यानी स्टेटस और चैनल्स में कोई भी विज्ञापन नजर नहीं आएगा। इससे यूजर्स बिना किसी रुकावट के कंटेंट देख और इस्तेमाल कर सकेंगे। 

पैसे नहीं दिए तो क्या होगा? 

अगर यूजर सब्सक्रिप्शन नहीं लेता है, तो उसे WhatsApp पर विज्ञापन देखने पड़ेंगे। हालांकि, ये विज्ञापन केवल Status और Channels सेक्शन तक ही सीमित रहेंगे। चैट, कॉल या ग्रुप मैसेजिंग में फिलहाल विज्ञापन दिखाए जाने की कोई जानकारी सामने नहीं आई है। 

कीमत और लॉन्च को लेकर क्या है स्थिति ? 

अभी तक यह साफ नहीं हुआ है कि WhatsApp सब्सक्रिप्शन की कीमत कितनी होगी। साथ ही यह भी तय नहीं है कि विज्ञापन हटाने के अलावा इस प्लान में और कौन-कौन से फीचर्स शामिल किए जाएंगे । रोलआउट की तारीख को लेकर भी कंपनी ने कोई आधिकारिक टाइमलाइन साझा नहीं की है। 

टेक एक्सपर्ट्स का मानना है कि WhatsApp का यह कदम मेटा की रेवेन्यू बढ़ाने की रणनीति का हिस्सा है। Facebook और Instagram के बाद अब WhatsApp से भी कमाई करने की दिशा में कंपनी तेजी से आगे बढ़ रही है। कुल मिलाकर, आने वाले समय में WhatsApp यूज करने का अनुभव पहले जैसा नहीं रह सकता । अब यूजर्स को तय करना होगा कि वे विज्ञापनों के साथ फ्री सर्विस इस्तेमाल करेंगे या पैसे देकर ऐड-फ्री WhatsApp का मजा लेंगे। 

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