Vat Savitri Saree Colors: वट सावित्री पूजा में पहनें ये रंग, बढ़ेगा सुहाग का सौभाग्य

Updated on 2026-05-15T18:09:23+05:30

Vat Savitri Saree Colors: वट सावित्री पूजा में पहनें ये रंग, बढ़ेगा सुहाग का सौभाग्य

Vat Savitri Saree Colors: वट सावित्री पूजा में पहनें ये रंग, बढ़ेगा सुहाग का सौभाग्य

Auspicious colors for Vat Savitri Puja: हिंदू धर्म में हर रंग का अपना धार्मिक और ज्योतिषीय महत्व माना जाता है. खासकर जब बात वट सावित्री जैसे बड़े व्रत की हो, तब रंगों का चुनाव और भी जरूरी हो जाता है. इस साल वट सावित्री व्रत 16 मई, शनिवार को रखा जाएगा. यह व्रत सुहागिन महिलाएं पति की लंबी उम्र, सुख-समृद्धि और वैवाहिक जीवन की खुशहाली के लिए रखती हैं. मान्यता है कि पूजा के दौरान पहने गए रंग व्यक्ति की ऊर्जा, मन और ग्रहों पर असर डालते हैं. इसलिए इस दिन शुभ रंग पहनना बेहद लाभकारी माना जाता है.

लाल और पीला रंग क्यों माने जाते हैं सबसे शुभ?

वट सावित्री पूजा में लाल रंग की साड़ी को सबसे ज्यादा शुभ माना जाता है. लाल रंग सुहाग, प्रेम, साहस और शक्ति का प्रतीक होता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार माता सावित्री ने अपने पति सत्यवान के प्राण बचाने के लिए यमराज तक का सामना किया था और लाल रंग उसी शक्ति और दृढ़ता को दर्शाता है. वहीं पीला रंग शांति, सुख और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है. यह रंग घर में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाता है और वैवाहिक जीवन में मिठास बनाए रखने में मदद करता है. पूजा के समय इन दोनों रंगों को पहनने से शुभ फल मिलने की मान्यता है.

हरा और गुलाबी रंग भी देंगे शुभ संकेत

अगर आप लाल या पीले रंग की साड़ी नहीं पहनना चाहतीं तो हरा और गुलाबी रंग भी बेहद शुभ माने जाते हैं. हरा रंग प्रकृति, हरियाली और रिश्तों में संतुलन का प्रतीक होता है. ज्योतिष के अनुसार यह बुध ग्रह को मजबूत करता है, जिससे पति-पत्नी के रिश्ते में समझ और प्यार बढ़ता है. वहीं गुलाबी रंग को प्रेम और कोमलता का प्रतीक माना जाता है. यह रिश्तों में मिठास और अपनापन बढ़ाने का संकेत देता है. ज्येष्ठ महीने की गर्मी में ये दोनों रंग आंखों और मन को भी सुकून देते हैं.

इन रंगों से करें परहेज

वट सावित्री जैसे शुभ व्रत में कुछ रंगों को पहनने से बचने की सलाह दी जाती है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार काला, स्लेटी और गहरा नीला रंग इस पूजा के लिए शुभ नहीं माना जाता. इन रंगों को नकारात्मकता, दुख और उदासी से जोड़ा जाता है. इसलिए पूजा के दौरान हमेशा चमकदार और सकारात्मक ऊर्जा देने वाले रंग पहनने चाहिए. अगर सफेद रंग पहनना जरूरी हो तो उसके साथ लाल या गुलाबी बॉर्डर या चुनरी जरूर रखें ताकि शुभता बनी रहे.

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