Wall Dampness Treatment: नया फर्श भी नहीं रोक पाया सीलन? जानिए पक्के समाधान
Wall Dampness Treatment: नया फर्श भी नहीं रोक पाया सीलन? जानिए पक्के समाधान
Why Dampness Appears Even After New Flooring: घर में सीलन की समस्या से परेशान होकर लोग अक्सर दीवारों की मरम्मत करवाते हैं, नई टाइल्स लगवाते हैं या फिर पूरा फर्श तक बदलवा देते हैं. लेकिन कई बार लाखों रुपये खर्च करने के बाद भी कुछ ही महीनों में दीवारों पर नमी, पेंट उखड़ना, बदबू और फफूंदी दोबारा नजर आने लगती है. ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर नया फर्श बनने के बाद भी सीलन क्यों नहीं रुकती?
होम एक्सपर्ट्स का कहना है कि सीलन की असली वजह को समझे बिना सिर्फ फर्श बदलवाना समस्या का स्थायी समाधान नहीं है. कई मामलों में जमीन के भीतर मौजूद नमी दीवारों के जरिए ऊपर चढ़ती रहती है, जिसे तकनीकी भाषा में "राइजिंग डैम्प" कहा जाता है. ऐसी स्थिति में नई टाइल्स या नया फर्श भी नमी को रोक नहीं पाता और कुछ समय बाद सीलन फिर दिखाई देने लगती है.
इसके अलावा बाहरी दीवारों में दरारें, छत से पानी का रिसाव या पाइपलाइन में लीकेज भी सीलन की बड़ी वजह बन सकते हैं. धीरे-धीरे अंदर घुसने वाला पानी दीवारों और फर्श को नुकसान पहुंचाता है, जिससे कमरे में लगातार नमी बनी रहती है.
विशेषज्ञों के मुताबिक कई बार समस्या का कारण घर में खराब वेंटिलेशन भी होता है. जब कमरे में हवा का पर्याप्त आवागमन नहीं होता, तो वातावरण में मौजूद नमी ठंडी दीवारों पर जमा होकर पानी की बूंदों में बदल जाती है. यही नमी आगे चलकर फफूंदी और सीलन का रूप ले लेती है.
सीलन से छुटकारा पाने के लिए सबसे पहले उसके असली स्रोत की पहचान करना जरूरी है. यदि पाइपलाइन लीक कर रही है तो उसकी मरम्मत कराएं, दीवारों की दरारों को वाटरप्रूफ सामग्री से भरें और छत में रिसाव हो तो उसे तुरंत ठीक करवाएं. साथ ही घर के आसपास ड्रेनेज सिस्टम को दुरुस्त रखें ताकि बारिश का पानी दीवारों के पास जमा न हो.
कमरों में पर्याप्त वेंटिलेशन बनाए रखना भी बेहद जरूरी है. खिड़कियां खोलकर रखें, एग्जॉस्ट फैन का इस्तेमाल करें और जरूरत पड़ने पर डैम्प-प्रूफ या वाटरप्रूफ कोटिंग करवाएं. यदि दीवारों पर पहले से फफूंदी या काले धब्बे बन चुके हैं, तो उन्हें साफ करने के बाद एंटी-फंगल पेंट लगवाना बेहतर विकल्प हो सकता है.
यानी अगर नया फर्श लगवाने के बाद भी सीलन लौट रही है, तो समस्या फर्श में नहीं बल्कि घर की नमी, रिसाव या वेंटिलेशन सिस्टम में छिपी हो सकती है. सही वजह का पता लगाकर ही इस परेशानी से हमेशा के लिए छुटकारा पाया जा सकता है.
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