कौन हैं मोजतबा खामेनेई? नया लीडर बनते ही इजरायल पर ताबड़तोड़ मिसाइल हमला
कौन हैं मोजतबा खामेनेई? नया लीडर बनते ही इजरायल पर ताबड़तोड़ मिसाइल हमला
ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत के बाद देश में नेतृत्व को लेकर स्थिति बदल गई है। इसी बीच ईरान को नया सर्वोच्च नेता मिल गया है। ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, अली खामेनेई के बेटे मोजतबा खामेनेई को देश का नया सुप्रीम लीडर नियुक्त किया गया है। 56 वर्षीय मोजतबा भी अपने पिता की तरह कट्टरपंथी धार्मिक नेता माने जाते हैं। ईरान में सुप्रीम लीडर का पद बेहद शक्तिशाली होता है और यह राष्ट्रपति से भी अधिक अधिकार रखता है।
कैसे मिला सुप्रीम लीडर का पद
मोजतबा खामेनेई को इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) का करीबी माना जाता है। अली खामेनेई की मौत के बाद से ही उन्हें इस पद का प्रमुख दावेदार माना जा रहा था। हालांकि ईरान की राजनीतिक विचारधारा में वंश के आधार पर उत्तराधिकार को पसंद नहीं किया जाता, लेकिन IRGC और उनके पिता के प्रभावशाली नेटवर्क के समर्थन के कारण उन्हें यह पद मिला।
मोजतबा खामेनेई का शुरुआती जीवन
मोजतबा खामेनेई अली खामेनेई के दूसरे बेटे हैं। उनका जन्म 1969 में मशहद में हुआ था। हाई स्कूल की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने 1987 में इस्लामिक सैन्य बल में प्रवेश किया। उन्होंने 1980 से 1988 तक चले ईरान-इराक युद्ध के अंतिम चरण में भी सेवा दी। 1989 में उनके पिता अली खामेनेई को रुहोल्लाह खुमैनी की मौत के बाद ईरान का सुप्रीम लीडर बनाया गया था।
चुनाव में हस्तक्षेप के आरोप भी लगे
2005 में जब महमूद अहमदीनेजाद राष्ट्रपति बने थे, तब सुधारवादी नेताओं ने मोजतबा खामेनेई पर चुनाव में हस्तक्षेप करने का आरोप लगाया था। सुधारवादी नेता मेहदी कर्रूबी ने दावा किया था कि उन्होंने धार्मिक नेताओं और रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के साथ मिलकर अहमदीनेजाद की जीत में भूमिका निभाई थी। हालांकि उस समय अली खामेनेई ने अपने बेटे का बचाव किया था।
अंतरिम परिषद चला रही थी देश
अली खामेनेई की मौत के बाद कुछ समय तक देश की जिम्मेदारी तीन सदस्यीय अंतरिम परिषद संभाल रही थी। इसमें अंतरिम सुप्रीम लीडर अलीरेजा अराफी, राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान और चीफ जस्टिस गुलाम होसैन मोहसेनी-एजेई शामिल थे।
अमेरिका और इजरायल की चेतावनी
इजरायल और अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहले ही नए सुप्रीम लीडर को लेकर चेतावनी दे चुके हैं। ट्रंप ने कहा था कि ईरान के अगले सुप्रीम लीडर को उनकी मंजूरी के बिना ज्यादा समय तक टिकना मुश्किल होगा। हालांकि ईरान ने इस मांग को साफ तौर पर खारिज कर दिया था।
यह भी पढ़े