Last Updated Mar - 07 - 2026, 05:38 PM | Source : Fela News
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान मिडिल ईस्ट में कब्जा जमाकर शासन करना चाहता था। लेकिन हजारों साल में पहली बार ईरान पड़ोसी मिडिल ईस्ट देशों से हार का सामना कर रहा है। ट्रंप ने चेतावनी दी कि आज ईरान पर बड़ा हमला किया जाएगा।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने खाड़ी देशों से माफी इस कारण मांगी क्योंकि ईरान बुरी तरह हार चुका है। ट्रंप ने कहा कि ईरान ने अपने पड़ोसी मिडिल ईस्ट देशों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म सोशल ट्रुथ पर ईरान को चेतावनी भी दी।
ट्रंप ने कहा कि ईरान मिडिल ईस्ट पर कब्जा जमाकर शासन करना चाहता था, लेकिन हजारों सालों में यह पहली बार है कि ईरान पड़ोसी देशों से हार का सामना कर रहा है। उन्होंने कहा कि अब ईरान "मिडिल ईस्ट का हारा हुआ" है और यह दशकों तक रहेगा, जब तक वह आत्मसमर्पण नहीं करता या पूरी तरह कमजोर नहीं हो जाता।
ईरान पर आज बड़ा हमला:
ट्रंप ने चेतावनी दी कि आज ईरान पर बहुत बड़ा हमला किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ईरान के बुरे कामों के कारण अब उन क्षेत्रों और लोगों को भी निशाना बनाया जाएगा जिन्हें पहले खतरे में नहीं माना गया था।
ईरानी जहाज डुबोए गए:
अमेरिका ने ईरान के तीन जहाज समुद्र में डुबो दिए हैं। इनमें IRIS डेना भी शामिल है, जो भारत से लौट रहा था। इस जहाज पर अमेरिकी टॉरपीडो हमला हुआ और यह तबाह हो गया। इस घटना के बाद श्रीलंका ने बड़े पैमाने पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा दिसानायके ने कहा कि युद्ध में निर्दोष लोगों को नुकसान नहीं होना चाहिए।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद:
ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पूरी तरह बंद कर दिया है। ईरानी सेना ने चेतावनी दी कि इस मार्ग से कोई भी देश का तेल टैंकर नहीं गुजरेगा, अन्यथा उस पर हमला किया जाएगा। बाद में ईरान ने स्पष्ट किया कि अमेरिका, इजरायल और यूरोपीय देशों को छोड़कर बाकी देशों के जहाज सुरक्षित हैं।