Last Updated Jun - 05 - 2026, 11:55 AM | Source : Fela News
इजरायली हवाई हमलों में 4 लोगों की मौत के बाद लेबनान में तनाव चरम पर पहुंच गया है. हिजबुल्लाह ने नए सीजफायर समझौते को खारिज कर दिया, जिससे क्षेत्र में संघर्ष और बढ़ने की आशंका तेज हो गई है.
लेबनान और इजरायल के बीच जारी संघर्ष ने एक बार फिर खतरनाक मोड़ ले लिया है. इजरायली हवाई हमलों में कम से कम 4 लोगों की मौत के बाद हिजबुल्लाह ने इजरायल और लेबनानी सरकार के बीच हुए नए सीजफायर समझौते को सिरे से खारिज कर दिया है. इस फैसले ने मध्य पूर्व में शांति की उम्मीदों को बड़ा झटका दिया है और क्षेत्र में तनाव और बढ़ने की आशंका पैदा कर दी है.
हिजबुल्लाह का बड़ा ऐलान, समझौते को बताया ‘समर्पण’
हिजबुल्लाह प्रमुख नईम कासिम ने नए युद्धविराम समझौते को “अपमानजनक”, “बेतुका” और “समर्पण के बराबर” बताते हुए इसे मानने से साफ इनकार कर दिया. उन्होंने कहा कि दक्षिणी लेबनान से हिजबुल्लाह लड़ाकों को हटाने की शर्त किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी.
कासिम ने दो टूक कहा कि जब तक इजरायली हमले बंद नहीं होते, गांवों पर बमबारी नहीं रुकती और लेबनानी नागरिकों की मौतें जारी रहती हैं, तब तक उत्तरी इजरायल भी सुरक्षित नहीं रहेगा.
इजरायली हमलों में 4 की मौत, हालात और बिगड़े
स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक, दक्षिणी लेबनान में हुए ताजा इजरायली हमलों में कम से कम 4 लोगों की जान चली गई. संघर्ष के दौरान संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन का एक जवान भी मारा गया, जबकि दक्षिणी मोर्चे पर एक इजरायली सैनिक की मौत की भी पुष्टि हुई है.
इन घटनाओं के बाद दोनों देशों की सीमा पर तनाव और अधिक बढ़ गया है.
नेतन्याहू की बैठक के बीच बज उठे सायरन
हिजबुल्लाह के बयान के कुछ ही देर बाद उत्तरी इजरायल के कई सीमावर्ती इलाकों में ड्रोन हमले की चेतावनी देने वाले सायरन बज उठे. श्लोमी कस्बे में उस समय प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू स्थानीय अधिकारियों के साथ बैठक कर रहे थे.
हालांकि, प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार सायरन बजने से कुछ मिनट पहले ही नेतन्याहू वहां से निकल चुके थे.
ड्रोन हमलों की कोशिश, सेना अलर्ट पर
इजरायली सेना ने बताया कि दक्षिणी लेबनान से आए ड्रोन को रोकने के प्रयास के दौरान चेतावनी सायरन सक्रिय किए गए. राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं मिली.
इजरायली सेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल एयाल जामिर ने माना कि लगातार जारी युद्ध ने उत्तरी इजरायल के शहरों और सीमावर्ती इलाकों पर भारी दबाव बढ़ा दिया है.
पहली बार पीछे हटी इजरायली सेना
करीब तीन महीने से जारी संघर्ष के बीच पहली बार इजरायली सेना दक्षिणी लेबनान के एक क्षेत्र से पीछे हटी है. राज्य मीडिया के अनुसार, दिब्बीन गांव में लेबनानी सेना और संयुक्त राष्ट्र शांति सैनिकों ने संयुक्त रूप से मोर्चा संभाल लिया है.
इसे युद्ध के दौरान एक अहम घटनाक्रम माना जा रहा है.
वैश्विक असर भी बढ़ा
इजरायल-लेबनान संघर्ष अब केवल सीमित क्षेत्रीय लड़ाई नहीं रह गया है. इसका असर होर्मुज जलडमरूमध्य और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर भी पड़ रहा है. ईरान ने स्पष्ट किया है कि किसी भी स्थायी युद्धविराम समझौते में लेबनान को शामिल करना जरूरी होगा.
ट्रंप और नेतन्याहू के अलग-अलग संकेत
जहां इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कहा है कि हिजबुल्लाह का खतरा पूरी तरह खत्म होने तक अभियान जारी रहेगा, वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने युद्धविराम को लेकर नरम रुख दिखाते हुए कहा कि “मध्य पूर्व में सीजफायर का मतलब अक्सर सिर्फ गोलीबारी का कम हो जाना होता है.”
मध्य पूर्व में बढ़ती सैन्य गतिविधियों, सीजफायर पर असहमति और लगातार हो रहे हमलों के बीच हालात एक बार फिर बड़े संघर्ष की ओर बढ़ते नजर आ रहे हैं.
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