क्यों फिर उबल रहा JNU का माहौल, 500 छात्र मार्च पर क्यों अड़े?

Updated on 2026-02-27T15:21:09+05:30

क्यों फिर उबल रहा JNU का माहौल, 500 छात्र मार्च पर क्यों अड़े?

क्यों फिर उबल रहा JNU का माहौल, 500 छात्र मार्च पर क्यों अड़े?

दिल्ली स्थित जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में छात्रों और प्रशासन/पुलिस के बीच फिर से तनावपूर्ण स्थिति देखने को मिली है, जब करीब 400–500 छात्र ने शिक्षा मंत्रालय तक मार्च निकालने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस और सुरक्षा बलों ने उन्हें कैंपस के बाहर प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं दी. इस कदम के कारण विवाद और भी बढ़ गया, जिससे छात्रों और पुलिस के बीच टकराव की स्थिति उत्पन्न हुई. 

रिपोर्ट के अनुसार जेएनयू छात्रसंघ (JNUSU) ने UGC के नियमों को लागू करने, “रोहित एक्ट” लागू करने, विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर के खिलाफ विरोध, और JNUSU पदाधिकारियों के निष्कासन के खिलाफ प्रदर्शन करने के लिए मार्च का आह्वान किया था. मगर प्रशासन ने छात्रों को स्पष्ट रूप से बताया कि कैंपस के बाहर मार्च करने की अनुमति नहीं है और वे केवल परिसर के भीतर ही विरोध कर सकते हैं. 

हालात तब बिगड़ गए जब छात्रों ने मुख्य गेट के बाहर जमा सुरक्षा बैरिकेड्स को तोड़ना शुरू कर दिया और आगे मार्च निकालने की कोशिश की. कुछ प्रदर्शनकारियों ने पुलिस और RAF/CRPF जवानों पर बैनर, डंडे और जूते फेंके और कथित तौर पर गिरफ्तारी से बचने के लिए शारीरिक टकराव में भी शामिल हुए, जिससे तनावपूर्ण स्थिति और बढ़ गई. पुलिस के मुताबिक कई सुरक्षा कर्मी भी घायल हुए हैं. 

इस बीच 50 से अधिक छात्रों को हिरासत में लिया गया और FIR दर्ज कर ली गई है, जिसमें सरकारी कर्मचारियों के काम में बाधा डालने तथा पुलिस कर्मियों पर हमला करने जैसे आरोप शामिल हैं. हिरासत में लिए गए छात्रों में JNUSU अध्यक्ष अदिति मिश्रा, सचिव गोपिका और महासचिव दानिश भी शामिल हैं. 

छात्रों का पक्ष यह है कि वे शिक्षा नीति और विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ लोकतांत्रिक तौर पर विरोध करना चाहते थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें जबरन कैंपस के भीतर नियंत्रित किया. कुछ छात्रों ने मीडिया में पुलिस द्वारा बल प्रयोग और छात्रों को खींचकर हिरासत में लेने का आरोप भी लगाया है. 

इन घटनाओं के दौरान वायरल वीडियो फुटेज में कुछ छात्रों को पुलिस को थप्पड़ मारते, सुरक्षाकर्मियों को गाली देते और बैरिकेड्स तोड़ते हुए दिखाया गया है, जिस आधार पर पुलिस उपद्रवियों की पहचान कर रही है. 

JNU प्रशासन और छात्रों के बीच लंबे समय से चल रही विवादित मुद्दों में शैक्षणिक नीतियों, कुलपति के बयानों, और यूजीसी नियमों के क्रियान्वयन पर मतभेद प्रमुख कारण बने हुए हैं, जिनके चलते विश्वविद्यालय में माहौल गत कई दिनों से उबाल पर है. 

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