PPF का कमाल: हर महीने 1 लाख निकालें, फिर भी करोड़पति
PPF का कमाल: हर महीने 1 लाख निकालें, फिर भी करोड़पति
PPF यानी पब्लिक प्रोविडेंट फंड को लंबे समय से सुरक्षित, टैक्स-फ्री और सरकारी गारंटी वाली निवेश योजना माना जाता है। फिलहाल इस स्कीम पर 7.1 फीसदी सालाना ब्याज मिल रहा है और इसमें निवेश, ब्याज व मैच्योरिटी तीनों टैक्स फ्री रहते हैं। यही वजह है कि रिटायरमेंट प्लानिंग के लिए इसे सबसे मजबूत विकल्पों में गिना जाता है।
15 साल नहीं, 30 साल तक बढ़ाइए निवेश का खेल
PPF की मूल अवधि 15 साल होती है, लेकिन इसे 5-5 साल के ब्लॉक में आगे बढ़ाया जा सकता है। अगर कोई व्यक्ति 30 साल की उम्र में खाता खोलकर हर साल अधिकतम 1.5 लाख रुपये जमा करे और खाते को तीन बार एक्सटेंड करे, तो वह लगातार 30 साल तक निवेश कर सकता है। लंबे समय की कंपाउंडिंग से यही रकम रिटायरमेंट तक एक बड़ा फंड तैयार कर देती है।
60 की उम्र में बन जाएगा 1.54 करोड़ का टैक्स-फ्री कॉर्पस
लगातार 30 साल तक 1.5 लाख रुपये सालाना जमा करने और औसतन 7.1% ब्याज मिलने पर मैच्योरिटी पर करीब 1.54 करोड़ रुपये का फंड तैयार हो सकता है। यह पूरा कॉर्पस टैक्स-फ्री होता है, जो PPF की सबसे बड़ी ताकत मानी जाती है।
अब असली खेल: मैच्योरिटी राशि को SWP में लगाइए
यहीं पर स्मार्ट फाइनेंशियल प्लानिंग शुरू होती है। रिटायरमेंट के बाद अगर इस 1.54 करोड़ रुपये को किसी ऐसे सिस्टमेटिक विदड्रॉल प्लान (SWP) में लगाया जाए, जहां करीब 7% सालाना रिटर्न मिलता रहे, तो आप हर महीने 1 लाख रुपये निकाल सकते हैं। यानी हर साल 12 लाख रुपये की रेगुलर इनकम।
20 साल तक हर महीने 1 लाख, फिर भी 1 करोड़ बचेंगे
फाइनेंशियल कैलकुलेशन के मुताबिक अगर 20 साल तक इस फंड से हर महीने 1 लाख रुपये निकाले जाएं, तब भी आपके पोर्टफोलियो में करीब 1 करोड़ रुपये से ज्यादा रकम बची रह सकती है। इसका मतलब साफ है—सही रणनीति अपनाने पर PPF सिर्फ सेविंग स्कीम नहीं, बल्कि लाइफटाइम मनी मशीन बन सकती है।
क्यों खास है यह फॉर्मूला?
आम निवेशक PPF को सिर्फ टैक्स बचाने का जरिया मानते हैं, लेकिन विशेषज्ञ इसे “स्लो एंड सेफ करोड़पति प्लान” कहते हैं। लंबी अवधि, सरकारी सुरक्षा और टैक्स-फ्री कंपाउंडिंग इसे रिटायरमेंट के लिए बेहद ताकतवर बनाती है।
मतलब साफ है
अगर धैर्य के साथ 30 साल निवेश किया जाए, तो रिटायरमेंट के बाद हर महीने 1 लाख रुपये निकालने पर भी आपकी करोड़पति वाली पहचान बरकरार रह सकती है।
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